भोपाल में बीजेपी का विरोध प्रदर्शन: महिला आरक्षण बिल गिरने पर मंत्री-सांसदों और कार्यकर्ताओं की पदयात्रा, सीएम ने दिया बयान

महिला आरक्षण संशोधन बिल लोकसभा में पास न होने के विरोध में मध्य प्रदेश बीजेपी ने भोपाल में जन आक्रोश महिला पदयात्रा निकाली, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मंत्री-सांसद और महिला मोर्चा की कार्यकर्ता शामिल रहीं।

भोपाल में बीजेपी का विरोध प्रदर्शन: महिला आरक्षण बिल गिरने पर मंत्री-सांसदों और कार्यकर्ताओं की पदयात्रा, सीएम ने दिया बयान

भोपाल में बीजेपी की जन आक्रोश महिला पदयात्रा: महिला आरक्षण बिल गिरने के विरोध में मंत्री-सांसद और कार्यकर्ताओं ने जताया आक्रोश

भोपाल। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाने के विरोध में मध्य प्रदेश का सियासी माहौल गर्म हो गया है। इस मुद्दे की गूंज अब सड़कों तक पहुंच गई है। राजधानी भोपाल में सोमवार को भाजपा महिला मोर्चा की ओर से ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर अपने अधिकारों की आवाज बुलंद की।

यह पदयात्रा एमवीएम कॉलेज ग्राउंड से शुरू होकर रोशनपुरा चौराहे की ओर बढ़ी। इस दौरान छह विशेष रथ भी शामिल किए गए। यात्रा में महिला कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता, मंत्री और सांसद भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

क्या है पूरा मामला?

17 अप्रैल को लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका। इस विधेयक में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव शामिल था। हालांकि, इसे पारित करने के लिए आवश्यक बहुमत नहीं मिल पाया। इसी को लेकर भाजपा ने इसे जन आंदोलन का रूप देने की रणनीति बनाई है।

विपक्ष पर बीजेपी का हमला

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस और विपक्ष पर महिलाओं के अधिकारों को रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में लगातार कार्य हो रहा है, लेकिन विपक्ष ने इसमें बाधा डाली। उन्होंने कहा कि अब इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाया जाएगा।

सीएम मोहन यादव का बयान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों का सवाल है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरा प्रयास किया, लेकिन आवश्यक समर्थन नहीं मिल सका। सीएम ने कहा कि “नारी अपना अपमान कभी नहीं भूलती।”

आगे की रणनीति

भाजपा नेताओं ने संकेत दिए हैं कि इस मुद्दे को और व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा। नगरीय निकायों में निंदा प्रस्ताव पारित कराने और विधानसभा में भी यह मुद्दा उठाने की तैयारी है। साथ ही, इसे जनता के बीच ले जाकर विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए जाएंगे।

महिला मोर्चा का ऐलान

भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे ने कहा कि यह केवल विरोध नहीं बल्कि सम्मान की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि विधेयक गिरने पर जश्न मनाना महिलाओं का अपमान है और अब महिलाएं इसका जवाब देंगी।

आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की तैयारी

भाजपा महिला मोर्चा ने संकेत दिए हैं कि इस पदयात्रा को एक बड़े आंदोलन की शुरुआत माना जा रहा है। इसे आने वाले समय में प्रदेश से बाहर देशभर में ले जाने की योजना है, ताकि महिलाओं के अधिकारों का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जा सके।