अनवर कादरी 5 साल के लिए अयोग्य घोषित पार्षद पद से हटाया ; लव जिहाद फंडिंग को लेकर मेयर ने की थी कमिश्नर से हटाने की मांग

इंदौर संभागायुक्त डाॅ. सुदाम खाड़े ने लव जिहाद फंडिंग मामले के आरोपी पार्षद अनवर कादरी को अयोग घोषित करते हुए पांच साल के लिए हटा दिया है।

अनवर कादरी 5 साल के लिए अयोग्य घोषित पार्षद पद से हटाया ;  लव जिहाद फंडिंग को लेकर मेयर ने की थी कमिश्नर से हटाने की मांग

कांग्रेस नेता को पद से हटाया, पांच साल के लिए चुनाव लड़ने के अयोग्य

Indore News कमिश्नर डॉ. सुदाम खाडे ने सोमवार को नगर निगम इंदौर के वार्ड-58 के पार्षद अनवर कादरी को पार्षद पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया। साथ ही उन्होंने धारा-23 के अंतर्गत पांच साल के लिए अयोग्य भी घोषित किया है। कमिश्नर ने यह कार्रवाई मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 19(1)(अ) के तहत की गई। मामले में मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कमिश्नर से कादरी को हटाए जाने की मांग की थी।

कादरी को पार्षद पद से हटाने को लेकर नगर निगम द्वारा आयोजित सम्मेलन में विशेष प्रस्ताव लाया गया था। इसमें आपराधिक गतिविधियों में शामिल पार्षद अनवर कादरी को पार्षद पद से हटाने की मांग उठी थी। कादरी पर लव जिहाद को बढ़ावा देने के लिए एक सम्प्रदाय विशेष के युवकों को पैसा (फंडिंग) करना और युवकों को प्रेरित करने का भी आरोप विभिन्न समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित हुआ था।

इस घटना को लेकर नागरिकों में आक्रोश दिखा गया। नागरिकों द्वारा इस घटना को लेकर शहर में प्रदर्शन भी किया गया। इसमें बताया गया कि अनवर कादरी के इस कृत्य ने शहर में सद्भावना को ठेस पहुंचाई और साम्प्रदायिक वातावरण भी बिगड़ा। इस घटना को लेकर शहर के नागरिकों द्वारा अनवर कादरी के विरुद्ध पुलिस थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई। इससे पूर्व भी पार्षद अनवर कादरी पर जिले के विभिन्न थानों में आपराधिक एवं गंभीर धाराओं में 23 प्रकरण दर्ज हैं।

कई गंभीर धाराओं में दर्ज हैं प्रकरण

कादरी के खिलाफ विभिन्न धाराएं जैसे- धारा-323, 506, 392, 324, 25 आर्म्स एक्ट, 302, 307, 452, 341, 427, 64, 64(2)(एम), धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम सहित कई अन्य आपराधिक धाराओं में गंभीर प्रकरण पंजीबद्ध हैं। इन धाराओं के अलावा भी पार्षद अनवर कादरी पर अनेक धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं।

कादरी को सुनवाई के दौरान पक्ष रखने का अवसर दिया गया

प्रकरण में अनवर कादरी को सुनवाई के दौरान पक्ष समर्थन का पर्याप्त अवसर दिया गया। कादरी पेशी दिनांक पर उपस्थित नहीं हुए। उनकी पत्नी द्वारा प्रस्तुत जवाब में ऐसा कोई दस्तावेजी साक्ष्य/प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया, जिस पर विचार करते हुए मेयर द्वारा प्रस्तुत पत्र को निरस्त किए जाने पर विचार किया जा सके।

इससे स्वत: प्रमाणित है कि पार्षद अनवर कादरी लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा, जिसका नगर निगम इंदौर के प्रस्ताव में भी उल्लेख है। इससे स्पष्ट होता है कि कादरी का पार्षद पर होना सार्वजनिक एवं निगम के हित में वांछनीय नहीं है।