जूते चाटने वाला, मारने वाले और खाने वाले, AIMIM के नेता तौकीर निजामी का मुसलमानों को लेकर विवादास्पद बयान, विवाद के बाद दी सफाई

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में AIMIM के नेता तौकीर निजामी का एक विवादास्पद बयान सामने आया है जो काफी चर्चा में है. उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने मुसलमानों को तीन प्रकार में बांटते हुए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया है.

जूते चाटने वाला, मारने वाले और खाने वाले, AIMIM के नेता तौकीर निजामी का  मुसलमानों को  लेकर विवादास्पद बयान, विवाद के बाद दी सफाई

भोपाल में AIMIM नेता तौकीर निजामी का एक विवादास्पद बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. उन्होंने मुसलमानों को तीन प्रकार का बताते हुए कांग्रेस, भाजपा और AIMIM से जोड़ दिया. बयान में जूते चाटने, जूते खाने और जूते मारने जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया. इस पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है.

एआईएमआईएम (AIMIM) के नेता तौकीर निजामी ने एक सार्वजनिक सभा में मुसलमानों को लेकर विवादित बयान दिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। निजामी ने अपने बयान में कहा कि मुसलमान तीन तरह के होते हैं। उन्होंने कहा कि एक तरह के मुसलमान वो हैं जो जूते चाटने का काम करते हैं, ये कांग्रेस में मिलेंगे। दूसरा वो जो जूते खाने का काम करते हैं, ये भाजपा में मिलेंगे। और तीसरा वो मुसलमान जो जूते मारने का काम करते हैं, ये AIMIM पार्टी में मिलेंगे। इसके बाद उन्होंने सभा में मौजूद लोगों से पूछा कि "तुम कौन से मुसलमान हो?"

इस बयान के बाद कई विपक्षी नेताओं ने निजामी के इस बयान की निंदा की है और इसे साम्प्रदायिक रूप से विभाजनकारी बताया है। वहीं AIMIM पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि ऐसे बयान चुनावी माहौल और समाज में तनाव बढ़ा सकते हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और वीडियो वायरल होने के बाद चर्चा लगातार जारी है।

नए सदस्यों को भोपाल में दी थी बिरयानी की दावत

निजामी इससे पहले साल 2022 में भी चर्चा में आए थे जब उन्होंने विधानसभा चुनाव से एक साल पहले एआईएमआईएम पार्टी में शामिल होने वाले नए सदस्यों को भोपाल में बिरयानी की दावत दी थी। उन्होंने ऐसा करने के पीछे की वजह उचित सम्मान बताया था। उन्होंने कहा था कि हम उन लोगों का स्वागत कर रहे हैं जिन्हें अपनी पार्टियों में उचित सम्मान नहीं मिला, चाहे वह भाजपा हो या कांग्रेस। जब वे हमारी पार्टी में शामिल होने के लिए हमारे कार्यालय आते हैं, तो सम्मान स्वरूप हम उन्हें बिरयानी या नाश्ता खिलाते हैं।

मचा बवाल तो दी सफाई

वहीं वीडियो वायरल होने के बाद उन्होंने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि उनका बयान हिंसा को बढ़ावा देने के लिए नहीं बल्कि मुसलमानों को गुलामी से बाहर निकालने की कोशिश है। मैं 'बात' से जूता मारने की बात कह रहा हूं। मुसलमानों को अब जाग जाना चाहिए। आप जूते चाटने वाले और जूते खाने वाले मत बनिए।