युवती ने पेट्रोल डालकर खुद को लगाई आग:गंभीर हालत में भोपाल के हमीदिया अस्पताल रैफर

मध्य प्रदेश में सीहोर से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक आदिवासी युवती ने सरेराह खुद पर पहले पेट्रोल डाला फिर आग लगा ली।

युवती ने पेट्रोल डालकर खुद को लगाई आग:गंभीर हालत में भोपाल के हमीदिया अस्पताल रैफर

सीहोर के लाड़कुई गांव में 26 वर्षीय आदिवासी युवती विनीता ऊईके ने सरेआम पेट्रोल डालकर खुद को आग लगाई।

मध्यप्रदेश। सीहोर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। यहां एक आदिवासी महिला ने आत्मदाह की कोशिश की। उसने अपने शरीर पर पेट्रो छिड़कर आग लगा ली। घटना रविवार दोपहर की है। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग को बुझाया। बताया जा रहा है कि, महिला की हालत गंभीर है। उसे इलाज के लिए भोपाल रेफर किया गया है।

कार्यपालिक मजिस्ट्रेट ने लिया बयान

लोगों ने डायल 112 पर कॉल करके मदद बुलाई। पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची तो महिला गंभीर हालत में थी। उसे इलाज के लिए पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए लेकिन स्थिति को देखते हुए उसे भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया। कार्यपालिक मजिस्ट्रेट (नायब तहसीलदार) द्वारा महिला का बयान ले लिया गया है लेकिन अब तक यह पता नहीं चला है कि, महिला ने आत्मदाह क्यों किया। 

अत्यधिक झुलसने से महिला को हमीदिया अस्पताल रैफर किया

घटना की सूचना मिलते ही लाड़कुई पुलिस मौके पर पहुंची और डायल 112 की मदद से जली हुई युवती को तत्काल भैरूंदा सिविल अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन शरीर का बड़ा हिस्सा झुलस जाने के कारण उसकी हालत गंभीर बनी रही। ऐसे में बेहतर इलाज के लिए आदिवासी युवती को भोपाल के हमीदिया अस्पताल रैफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है। 

दो महीने से मायके में आकर रह रही थी आदिवासी युवती

एसडीओपी रोशन जैन के मुताबिक, खुद को जलाने वाली युवती पिछले दो महीने से अपने मायके लाड़कुई में रह रही थी, जबकि उसकी ससुराल गोंडी गुराडिया गांव में है। आखिर वह किन परिस्थितियों में मायके में रह रही थी और अचानक इतना बड़ा कदम क्यों उठाया, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। वहीं पुलिस कॉल पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट ने अस्पताल पहुंचकर आदिवासी युवती के मृत्युपूर्व बयान दर्ज किए हैं। शुरूआती जानकारी में उसने किसी को सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया है।