ग्राम आटा में विकसित होगा प्रकृति, आस्था और आजीविका का नया केंद्र; तालाबों के कायाकल्प और हरित परिसर निर्माण की बनी कार्ययोजना

उरई के ग्राम आटा में जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक नई विकास योजना तैयार की गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने शिव शक्ति मंदिर परिसर के पास तालाब और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया।

ग्राम आटा में विकसित होगा प्रकृति, आस्था और आजीविका का नया केंद्र; तालाबों के कायाकल्प और हरित परिसर निर्माण की बनी कार्ययोजना

ग्राम आटा में विकसित होगा प्रकृति, आस्था और आजीविका का नया केंद्र, तालाबों के कायाकल्प की बनी कार्ययोजना

उरई । जनपद में जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन तथा ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने आज ग्राम पंचायत आटा स्थित शिव शक्ति मंदिर परिसर के निकट तालाब एवं आसपास के क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने शिव शक्ति मंदिर के समीप स्थित तालाब के सौंदर्यीकरण, आकर्षक पाथवे, बैठने की व्यवस्था, हरित विकास एवं अन्य जनोपयोगी सुविधाओं के विकास की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही शिव मंदिर के पीछे जिला पंचायत की लगभग 4 एकड़ भूमि पर नए तालाब की खुदाई, चारों ओर पाथवे निर्माण तथा वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कर इसे एक विकसित हरित एवं प्राकृतिक परिसर के रूप में विकसित किए जाने की योजना बनाई गई। जिलाधिकारी ने ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरईएस) के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि प्रस्तावित कार्यों का विस्तृत प्राक्कलन शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत किया जाए, ताकि परियोजना को समयबद्ध ढंग से प्रारंभ कराया जा सके।जिलाधिकारी ने कहा कि विकसित किए जाने वाले तालाब का उपयोग मत्स्य विभाग की योजनाओं के अंतर्गत वैज्ञानिक ढंग से मछली पालन के लिए भी किया जाएगा। इससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि जनपद में तालाब केवल जल संचयन का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के केंद्र के रूप में विकसित किए जाएंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी ने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से आटा क्षेत्र में एक सुंदर प्राकृतिक एवं धार्मिक वातावरण विकसित होगा, जिससे स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा क्षेत्र की पहचान भी मजबूत होगी।

इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी एवं तकनीकी टीम भी उपस्थित रही।