द ग्रेट खली बोले-राजस्व विभाग में चरम पर भ्रष्टाचार:पिता की खरीदी जमीन हड़पी, SDM पर मिलीभगत का आरोप, द ग्रेट खली ने सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से मांगी मदद

हिमाचल प्रदेश के रहने वाले प्रसिद्ध WWE रेसलर द ग्रेट खली ने पांवटा साहिब में राजस्व विभाग में तैनात तहसीलदार पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

द ग्रेट खली बोले-राजस्व विभाग में चरम पर भ्रष्टाचार:पिता की खरीदी जमीन हड़पी, SDM पर मिलीभगत का आरोप, द ग्रेट खली ने सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से मांगी मदद

इस जमीन से जुड़े सभी वैध दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं, इसके बावजूद राजस्व विभाग की ओर से यह कहकर उन्हें बेदखल किया गया कि यह जमीन किसी और व्यक्ति की है। खली के पिता ने 16 एकड़ की जमीन एक महिला से खरीदी थी। 

हिमाचल के सिरमौर जिला से संबंध रखने वाले मशहूर डब्ल्यूडब्ल्यूई रेसलर 'द ग्रेट खली' उर्फ दलीप सिंह राणा ने पांवटा साहिब से जुड़े जमीन विवाद को लेकर राजस्व विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मंगलवार को शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस में जांच कमेटी बदलने और संबंधित तहसीलदार की संपत्ति की जांच करवाने की मांग की।

द ग्रेट खली ने आरोप लगाया कि पांवटा साहिब के राजस्व विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है। अधिकारी खुद को संविधान से ऊपर समझ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि न केवल उन्हें, बल्कि करीब 100 अन्य लोगों को भी उनकी पुश्तैनी जमीन से अवैध तरीके से बेदखल किया गया है।

खली के अनुसार, उनके पिता ने वर्ष 2013 में पांवटा साहिब के सूरजपुर गांव में एक महिला से 16 बीघा जमीन खरीदी थी. खली का दावा है कि उनके पास इस जमीन के सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं. विवाद तब शुरू हुआ जब हाल ही में खली ने इस जमीन पर चारदीवारी लगवाई. दूसरे पक्ष, वीरेंद्र सिंह ने इस पर अपना हक जताया, जिसके बाद तहसीलदार ने खली के दस्तावेजों को दरकिनार करते हुए जमीन किसी और की बता दी. खली का आरोप है कि तहसीलदार ऋषभ शर्मा ने दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ कर यह जमीन प्रॉपर्टी डीलरों को फायदा पहुँचाने के लिए हड़पने की कोशिश की है.

तहसीलदार और SDM पर मिलीभगत के आरोप

प्रेस वार्ता में खली ने तहसीलदार के साथ-साथ स्थानीय SDM पर भी मिलीभगत के आरोप जड़े. उन्होंने दावा किया कि केवल वे ही नहीं, बल्कि इलाके के लगभग 100 से अधिक लोग इस 'राजस्व सिंडिकेट' से पीड़ित हैं. अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए खली ने कहा, "तहसीलदार लोगों को बिना सूचना दिए 'एक्स-पार्टी' (एकपक्षीय) फैसले ले रहे हैं और वर्षों से काबिज लोगों को बेदखल कर रहे हैं." खली ने तहसीलदार की संपत्ति की जांच की मांग करते हुए कहा कि कुछ ही समय में उन्होंने करोड़ों की अवैध संपत्ति अर्जित की है.

मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

द ग्रेट खली ने इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिलने का समय मांगा है. उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि इस भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो. दूसरी ओर, राजस्व अधिकारियों का कहना है कि वे केवल नियमानुसार कार्य कर रहे हैं और खली का कब्जा जिस जमीन पर है, वह नाले के पास स्थित उनके मूल दस्तावेजों वाली जमीन से अलग है.

फिलहाल, इस हाई-प्रोफाइल मामले ने हिमाचल की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है.