प्रेम प्रसंग में छात्र की हत्या;सिर धड़ से अलग, पैर कटा, जबड़ा टूटा, छात्र को भारी पड़ा महिला सिपाही से बातचीत
इटावा में छात्र मनीष यादव की हत्या के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। एक सीआरपीएफ जवान ने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
यूपी के इटावा से 18 फरवरी को एक बोरी में इंसानी शरीर के टुकड़े मिले थे. इसके बाद जब पुलिस ने जांच की तो खौफनाक साजिश का खुलासा हुआ.
इटावा में छात्र मनीष यादव ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उसकी हत्या की गई थी. पुलिस ने इस हत्याकांड खुलासा कर दिया है. मनीष की जान महिला ट्रेनी पुलिसकर्मी आकांक्षा से प्रेम प्रसंग में चली गई. मनीष और महिला ट्रेनी पुलिसकर्मी के बीच रिश्ते के बारे में आकांक्षा के सीआरपीएफ में तैनात जवान भाई अभिषेक यादव को हो गई थी. 17 फरवरी को अभिषेक छुट्टी पर आया और दो साथियों की मदद से मनीष की अगवा कर लिया. मनीष का शव रेलवे ट्रैक पर मिला था. मनीष के शव को देखने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी, लेकिन पोस्टमार्टम में ऐसा कुछ नहीं निकला, लेकिन परिवार अपनी बात पर अड़ा रहा.
इटावा. यूपी के इटावा में छात्र मनीष यादव हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. मनीष की हत्या महिला ट्रेनी पुलिसकर्मी से प्रेम प्रसंग के चलते उसके भाई ने गोली मार कर की थी. इसमें युवक की दो साथियों ने मदद की थी. महिला ट्रेनी पुलिसकर्मी आकांक्षा यादव रामपुर में तैनात थीं. मनीष और उनके बीच रिश्ते की जानकारी आकांक्षा के जालंधर सीआरपीएफ में तैनात जवान भाई अभिषेक यादव को हो गई. 17 फरवरी को अभिषेक अवकाश पर आया. इसके बाद ने मनीष यादव को अपने दो अन्य साथियों की मदद से अगवा किया और 18 फरवरी को गोली मारकर उसकी हत्या कर दी. हत्याकांड को रेल हादसा जतलाने के लिए शव को एक प्लास्टिक बोरी में पैक करके रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया.
दोबारा कराया पोस्टमार्टम
रेलवे ट्रैक पर मिले मनीष के शव को प्रारंभिक तौर पर देखने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई. इकदिल इलाके के चितभवन रेलवे ट्रैक पर मनीष का रेलगाड़ी से कटा हुआ शव बरामद हुआ था. स्थानीय थाना पुलिस ने मनीष के शव का पोस्टमार्टम करवा दिया, लेकिन मनीष के परिजनों को एक डॉक्टर से हुए पोस्टमार्टम पर यकीन नहीं हुआ. उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की तो मनीष के शव का पांच डॉक्टरों के पैनल के जरिए पोस्टमार्टम कराया गया. मनीष के शव से गोली बरामद नहीं हुई तो उसके शव को एक्सरे के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय संयुक्त चिकित्सालय भेजा गया.
एक्सरे में मिली गोली
एक्सरे के बाद मनीष के शरीर से गोली निकली. परिजनों को पहले ही इस बात का शक था कि मनीष की हत्या गोली मारकर की गई है, लेकिन एक डॉक्टर ने सरसरी तौर पर पोस्टमार्टम कर दिया, जिसमें गोली लगने की लगने की बात सामने नहीं आई. इटावा के एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि मनीष की हत्या प्रेम प्रसंग के चलते की गई है. मनीष रामपुर में तैनात ट्रेनी महिला आरक्षी आकांक्षा यादव के साथ में रिश्ते में था. इस बात की जानकारी जालंधर सीआरपीएफ में तैनात आकांक्षा के भाई अभिषेक यादव को हो गई. 17 फरवरी को अभिषेक अवकाश पर इटावा आया और उसने अपने दो अन्य साथियों को मनीष का अपहरण करने के लिए तैयार किया. इसके बाद अपहरण करके मनीष की 18 फरवरी को गोली मार कर हत्या कर दी गई.
बोरी से गहराया शक
मनीष के शव को हत्या के बाद एक प्लास्टिक की बोरी में पैक करके रेलवे लाइन पर फेंक दिया गया. रेलगाड़ी के गुजरने से मनीष का शव बुरी तरह से कट गया लेकिन प्लास्टिक की बोरी मिलने से मौत की शुई हत्या की ओर घूम गई. हत्या में शामिल दीपक नाम के एक हत्यारोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, अभिषेक और उसके एक अन्य साथी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की कई टीमें इटावा से रवाना कर दी गई हैं. मनीष की हत्या किए जाने को लेकर पहले परिजनों की ओर से अपने गांव में चल रही रंजिश में कई लोगों के नाम बताए गए थे, लेकिन पुलिस को रंजिश वाले लोगों पर हत्या का शक नहीं हुआ. पुलिस ने तकनीकी तौर पर इस हत्याकांड के खुलासे के लिए मनीष के मोबाइल नंबरों का सहारा लिया. मनीष के लापता होने के बाद उसके परिजनों ने इटावा के भरथना थाने में गुमशुदगी 18 फरवरी को दर्ज कराई थी.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस