किसानों के हित में सख्ती: 17 से 24 फरवरी तक शीतगृहों की सघन जांच, डीएम ने तहसीलवार टीमें गठित कीं

उरई में आलू/मटर उत्पादक किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए 17 से 24 फरवरी 2026 तक सभी शीतगृहों का सघन निरीक्षण कराया जाएगा। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने उपजिलाधिकारियों की अध्यक्षता में तहसीलवार जांच समितियां गठित की हैं

किसानों के हित में सख्ती: 17 से 24 फरवरी तक शीतगृहों की सघन जांच, डीएम ने तहसीलवार टीमें गठित कीं

*किसानों के हितों पर शासन गंभीर, आलू/मटर एवं कृषि उत्पाद भंडारण व्यवस्था की होगी सघन जांच* 

 *शीतगृहों का होगा सघन भौतिक सत्यापन, डीएम ने उपजिलाधिकारियों की अध्यक्षता में तहसीलवार जाँच समितियां गठित कीं* 

उरई । प्रदेश सरकार द्वारा आलू एवं मटर उत्पादक किसानों के हितों की सुरक्षा तथा कृषि उपज के सुरक्षित और पारदर्शी भंडारण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जारी निर्देशों के क्रम में जनपद में व्यापक स्तर पर कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। पूर्व वर्षों में कुछ शीतगृहों में अनियमित शुल्क वसूली, लाइसेंस नवीनीकरण में लापरवाही, वजन में गड़बड़ी तथा सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसी शिकायतें सामने आती रही थीं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। शासन ने ऐसी स्थितियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।

इसी क्रम में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जनपद के सभी संचालित शीतगृहों/कोल्ड स्टोरेज का सघन निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन कराने के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार का शोषण या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जारी आदेश के अनुसार उरई, जालौन, कोंच, कालपी एवं माधौगढ़ तहसीलों में संबंधित उप जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में बहु-विभागीय जांच समितियां गठित की गई हैं। इन समितियों में उद्यान, अग्निशमन, विद्युत, राजस्व सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल रहेंगे। यह टीमें अपने-अपने क्षेत्राधिकार में स्थित शीतगृहों का स्थलीय निरीक्षण कर लाइसेंस की वैधता, भंडारण क्षमता, सुरक्षा व्यवस्थाएं, भवन एवं मशीनरी का बीमा, कंप्रेसर तथा जनरेटर की स्टैंड बाई व्यवस्था अग्निशमन प्रबंध, शीत ग्रह भवन एवं मशीनरी की सुदृढ़ता के संबंध में सक्षम अभियंता का वैधानिक प्रमाण पत्र हो, शीत ग्रह के मुख्य प्रवेश द्वार एवं सूचना पट पर भंडारण प्रभार की दर प्रदर्शित है या नहीं है, जनरेटर की वैकल्पिक व्यवस्था तथा किसानों से लिए जा रहे भंडारण शुल्क की जांच करेंगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भंडारण दरें और आवश्यक सूचनाएं शीतगृह के मुख्य प्रवेश द्वार एवं सूचना पट पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हों और किसान अधिकार पत्र अनिवार्य रूप से लगाया गया हो। यह विशेष अभियान 17 फरवरी 2026 से 24 फरवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा। जिला उद्यान अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि जनपद में संचालित सभी शीतगृहों का अद्यतन विवरण संबंधित उप जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराया जाए, जिससे जांच कार्य पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से संपन्न हो सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा स्पष्ट है कृषि उत्पादक किसानों की उपज सुरक्षित रहे, उन्हें निर्धारित दरों पर पारदर्शी सुविधा मिले और किसी भी स्तर पर उनका आर्थिक शोषण न हो। जनपद प्रशासन किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित प्रबंधन के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।