सांवेर-उज्जैन रोड पर सनसनी, सड़क किनारे पड़े बैगों ने उड़ाए होश-निकली ₹2.83 करोड़ की गड्डियां, रंगीन कागज, असली-नकली नोटों की जांच शुरू
इंदौर के सांवेर-उज्जैन रोड पर गुरुवार सुबह सड़क किनारे तीन लावारिस बैग मिलने से हड़कंप मच गया. इन बैगों में 500 रुपये के नोटों की सैकड़ों गड्डियां थीं, जिनकी कुल कीमत करीब 2 करोड़ 83 लाख रुपये आंकी गई है
इंदौर-सांवेर रोड पर उस समय सनसनी फैल गई, जब सड़क किनारे पड़े तीन बैगों से करोड़ों रुपये बरामद हुए। पुलिस ने बैग खोलकर देखे तो उनमें नोटों की गड्डियां भरी थीं, लेकिन कई नोट नकली होने की आशंका जताई जा रही है। कुल रकम 2.83 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
मध्यप्रदेश के इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब सांवेर-उज्जैन रोड पर सड़क किनारे पड़े तीन संदिग्ध बैगों से करोड़ों रुपए की नकदी बरामद हुई। बैग खोलते ही पुलिस और ग्रामीणों की आंखें फटी की फटी रह गईं। बैगों में 500 रुपए के नोटों की सैकड़ों गड्डियां भरी हुई थीं। शुरुआती गिनती में रकम करीब 2 करोड़ 83 लाख रुपए बताई जा रही है।
हालांकि, मामले ने उस समय और बड़ा मोड़ ले लिया जब कई गड्डियों के बीच रंगीन कागज निकले। पुलिस को आशंका है कि यह कोई बड़ा फर्जीवाड़ा, हवाला नेटवर्क या नकली नोटों का खेल हो सकता है।
किसान की सूचना से खुला करोड़ों का राज
ग्रामीण थाना पुलिस के मुताबिक गुरुवार सुबह करीब 10 बजे एक किसान ने सड़क किनारे लावारिस हालत में तीन बैग पड़े होने की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही टीआई गिरजाशंकर महोबिया पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
मौके पर पहले से बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा थे। जब पुलिस ने बैगों को खोलकर देखा तो उसमें नोटों की गड्डियां भरी हुई थीं। यह देखकर कुछ देर के लिए पुलिस टीम भी सन्न रह गई।
566 गड्डियां बरामद, कई में निकले रंगीन कागज
पुलिस जांच में सामने आया कि बैगों में 500 रुपए के नोटों की कुल 566 गड्डियां रखी गई थीं। ऊपर से देखने पर सभी गड्डियां असली लग रही थीं, लेकिन जब उन्हें खोला गया तो कई बंडलों के बीच रंगीन कागज भरे मिले।
जानकारी के मुताबिक करीब 130 से ज्यादा गड्डियों में ऊपर और नीचे असली नोट लगाए गए थे, जबकि बीच में रंगीन कागज रखे गए थे। इससे आशंका जताई जा रही है कि यह किसी बड़े धोखाधड़ी गिरोह का तरीका हो सकता है।
ऊपर असली नोट, नीचे नकली! पुलिस को बड़ा फर्जीवाड़ा होने का शक
एडिशनल एसपी ग्रामीण रूपेश द्विवेदी ने बताया कि शुरुआती जांच में कुछ नोट असली दिखाई दे रहे हैं, जबकि कई गड्डियों में नीचे नकली नोट और बीच में रंगीन कागज रखे गए हैं।
उन्होंने कहा कि नोटों की वास्तविकता की पुष्टि के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में नकदी सड़क किनारे क्यों छोड़ी गई।
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल — बैग किसके?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि करोड़ों रुपए से भरे ये बैग आखिर वहां पहुंचे कैसे? क्या कोई तस्करी हो रही थी? क्या किसी गिरोह ने पुलिस के डर से बैग फेंक दिए? या फिर यह हवाला कारोबार का हिस्सा था?
पुलिस अब इन तमाम बिंदुओं पर जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि मामला सामान्य नहीं है और इसके पीछे संगठित नेटवर्क हो सकता है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है। हाईवे और आसपास के इलाकों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि बैग वहां कौन छोड़कर गया।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कोई वाहन देर रात या सुबह उस इलाके में संदिग्ध तरीके से रुका था या नहीं।
ग्रामीणों में चर्चा, इलाके में बना कौतूहल
करोड़ों रुपए मिलने की खबर फैलते ही आसपास के गांवों में चर्चा का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों में यह जानने की उत्सुकता बनी रही कि आखिर बैगों में असली पैसा है या नकली।
कुछ ग्रामीणों का कहना था कि उन्होंने पहले कभी इतनी बड़ी रकम एक साथ नहीं देखी। वहीं कई लोग इसे किसी बड़े अपराध से जोड़कर देख रहे हैं।
विशेषज्ञ करेंगे नोटों की जांच
फिलहाल बरामद नोटों को सुरक्षित रख लिया गया है। पुलिस ने नकदी की विस्तृत जांच के लिए विशेषज्ञ टीम को बुलाने की तैयारी की है। नोटों की प्रिंटिंग, पेपर क्वालिटी और सीरियल नंबर की जांच की जाएगी।
यदि बड़ी मात्रा में नोट नकली पाए जाते हैं तो यह मामला सीधे तौर पर नकली नोट तस्करी और आर्थिक अपराध से जुड़ सकता है।
हवाला कनेक्शन की भी जांच
पुलिस इस मामले में हवाला नेटवर्क के एंगल को भी नजरअंदाज नहीं कर रही। अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी रकम का खुले में मिलना सामान्य घटना नहीं हो सकती।
संभावना जताई जा रही है कि किसी डील के दौरान गड़बड़ी होने पर बैग फेंके गए हों, या फिर पुलिस की गतिविधि देखकर आरोपी रकम छोड़कर भाग गए हों।
जल्द हो सकता है बड़ा खुलासा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और जल्द ही मामले में बड़ा खुलासा हो सकता है। सीसीटीवी फुटेज, नोटों की फोरेंसिक जांच और स्थानीय इनपुट के आधार पर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल करोड़ों की नकदी से भरे इन तीन बैगों ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है — आखिर ये करोड़ों रुपए किसके हैं?
नोटों की तत्काल गिनती कराई गई
थाना प्रभारी महोबिया ने बताया कि बरामद किए गए नोटों की तत्काल गिनती कराई गई। गिनती के बाद इन नोटों की कुल राशि करीब 2 करोड़ 83 लाख रुपये आंकी गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हालांकि नोट देखने में पूरी तरह से असली लग रहे हैं, लेकिन उनकी वास्तविक सत्यता की पुष्टि के लिए विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जांच कराई जा रही है। यह जांच इसलिए महत्वपूर्ण है ताकि यह पता चल सके कि इनमें से कितने नोट वास्तव में असली हैं और कितने नकली या सिर्फ कागज के टुकड़े हैं।
एक किसान ने सूचना पुलिस को दी
एडीशनल एसपी महू रूपेश द्विवेदी ने इस मामले पर आगे की जानकारी देते हुए बताया कि गुरुवार सुबह करीब 10 बजे एक किसान ने सबसे पहले सड़क किनारे संदिग्ध बैग पड़े होने की सूचना पुलिस को दी थी। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि नोटों की गड्डियों के ऊपर लगे कुछ नोट असली हैं, जबकि उनके नीचे और बीच में रंगीन कागज या नकली नोट रखे गए हैं। पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और नोटों की वास्तविकता के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस अब इस बात का पता लगाने में सक्रिय रूप से जुटी हुई है कि इन संदिग्ध परिस्थितियों में इन भारी भरकम बैगों को सड़क किनारे कौन छोड़कर गया। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस ने हाईवे और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। सीसीटीवी फुटेज से यह उम्मीद की जा रही है कि कोई सुराग मिल सके, जिससे उन व्यक्तियों की पहचान की जा सके जो इन बैगों को छोड़कर गए थे।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस