पालक महासंघ ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने और सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने हेतु दिया ज्ञापन
शाजापुर में पालक महासंघ मध्य प्रदेश की जिला इकाई ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने और सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने निजी और सरकारी स्कूलों से जुड़ी कुल 10 सूत्रीय मांगें रखीं, जिनमें एनसीईआरटी किताबें लागू करना, फीस रेगुलेशन नियमों का पालन, ड्रेस-कोर्स पर कमीशन बंद करना और सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करना शामिल है। महासंघ ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
अजय राज केवट माही
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस भोपाल मध्य प्रदेश
ज्ञापन सौंपकर उठाए शिक्षा व्यवस्था पर सवाल – शाजापुर में कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में पालकों ने प्रशासन को अवगत कराया।
शाजापुर। पालक महासंघ मध्य प्रदेश की जिला इकाई शाजापुर द्वारा प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने और सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने हेतु कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में ज्ञापन दिया। कार्यकर्ताओं ने जिला शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए तथा प्राइवेट स्कूलो पर पांच सूत्री और सरकारी स्कूलों पर पांच सूत्री, कुल 10 सूत्री मांगों पर कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया।
जिलाध्यक्ष राजेश सिसनोरिया ने बताया कि पालक महासंघ पिछले दो वर्षों से शिक्षा में अनियमितता और सुधार के लिए लगातार आवेदन और निवेदन करता आया हैं, नए सत्र की शुरुआत होने से पहले ही हम तीसरी बार जिला कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को शिक्षा में सुधार के लिए फिर से ज्ञापन के माध्यम से निवेदन कर रहे हैं,
प्राइवेट स्कूलो के लिए हमारी प्रमुख मांग है कि कक्षा पहली ली से बाहरवीं तक एनसीईआरटी की किताबें लागू हो, फीस रेगुलेशन नियम फॉलो हो, महंगे कोर्स ओर ड्रेस पर स्कूल कमीशन बंद हो। हमारी सरकारी स्कूलों के लिए मांग है कि शिक्षक ई अटेंडेंस का पालन नहीं कर रहे हे और ना ही समय पर स्कूल खोल रहे ना समय पर स्कूल बंद कर रहे। गरीब और कमजोर बच्चों की शिक्षा में सुधार के लिए लापरवाह शिक्षकों पर कड़ी कार्यवाही हो। जिला महासचिव राजेंद्र चौखुटिया ने बताया कि जिला प्रशासन को पहले भी अवगत कराया था कि एजी तख्तवाला ओर सोलंकी ड्रेसेस पर सभी बड़े स्कूलों की ड्रेस ओर कोर्स बिक रहे ओर स्कूल वही से खरीदने के लिए मजबूर कर रहे लेकिन प्रशासन सुन नहीं रहा। यदि हमारी मांग नहीं मानेंगे तो हम आने वाले समय में बड़ा आंदोलन करेंगे। वही कार्यकारणी सदस्य मनोहर कटारिया ने बताया कि संगठन ने दो महीने पहले तीन स्कूलों की शिकायत की थी जिनके द्वारा बलात्कारी आसाराम का प्रचार प्रसार स्कूलों के बच्चों के सामने किया गया था, लेकिन जिला प्रशासन इतना निर्लज है कि स्कूल वालों को बचाने में लगा है। यदि इनमें शिक्षा का दृष्टिकोण ऐसा हे तो शिक्षा के केंद्र बंद कर देना चाहिए क्यों जनता के टैक्स से तनख्वा ले रहे हो और पालकों की जेब खाली कर रहे हो।
ज्ञापन में जिला अध्यक्ष राजेश सिसनोरिया, महासचिव राजेंद्र चौखुटिया, कार्यकारणी सदस्य मनोहर कटारिया, शिवनारायण धारिया, जिला उपाध्यक्ष नन्द किशोर पवार, जिला संगठन मंत्री नवीन पटोंदा, जिला मीडिया प्रभारी महेंद्र सौराष्ट्रीय, टी आर सिसोदिया, एडवोकेट अशोक कुमार मालवीय, संतोष मालवीय आदि के साथ अन्य पालक मौजूद रहे।
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