नायब तहसीलदार ने छात्रा को मारा थप्पड,किसान की कॉलर पकड़ी: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार बोले- किसानों को खाद की जगह मिलता है थप्पड़

छतरपुर में सौंरा मण्डल की नायब तहसीलदार ऋतु सिंघई ने एक छात्रा को थप्पड़ मार दिया। किसान की कॉलर पकड़ी। एक महिला से भी मारपीट के आरोप हैं। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने सिंघई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

नायब तहसीलदार ने छात्रा को मारा थप्पड,किसान की कॉलर पकड़ी: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार बोले- किसानों को खाद की जगह मिलता है थप्पड़

छतरपुर में एक महिला नायब तहसीलदार ने यूरिया वितरण के दौरान एक छात्रा और महिला को थप्पड़ जड़ दिए. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने महिला अफसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में दोपहर में उस समय हंगामा हो गया, जब एक नायाब तहसीलदार मैडम ने खाद की लाइन में लगी एक छात्रा को लगातार थप्पड़ जड़ दिए। थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद छतरपुर कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने नायब तहसीलदार ऋतु सिंह को कारण बताओं नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। अधिकारियों का कहना है कि अगर उनके द्वारा दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं होगा, तो उन पर कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

अधिकारियों द्वारा खाद ब्लैक में बेचने का आरोप

जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 1:00 बजे सताई कृषि मंडी में बड़ी संख्या में किसान एकत्र हुए थे। किसानों का आरोप था कि स्थानीय जिला प्रशासन के अधिकारियों की मिली भगत से खाद को ब्लैक में बेचा जा रहा है। इन लोगों का सीधा आरोप है कि जिले में हो रही खाद की कालाबाजारी में जिले की कुछ अधिकारी ही शामिल हैं। इसके चलते किसान धरने पर बैठ गए। मौके पर जिला प्रशासन के कई अधिकारी एवं पुलिस पहुंचे।

नायब तहसीलदार ने छात्रा को जड़े थप्पड़

पुलिस और प्रशासन ने पुरुषों एवं महिलाओं की अलग-अलग लाइन लगवाईं। इसी बीच लाइन में लगी एक छात्रा गुड़िया पटेल को नायब तहसीलदार ऋतु ने थप्पड़ जड़ दिए। थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और थप्पड़ मारने वाली नयाब तहसीलदार को तत्काल प्रभाव से वहां के प्रभाव से हटा दिया। आरोपी तहसीलदार को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है।

पढ़ाई छोड़कर खाद लेने आई थी, लेकिन…

पीड़िता गुड़िया पटेल ने बताया कि वह सुबह 9:00 बजे से खाद लेने के लिए आ गई थी, लेकिन दोपहर 1:00 बजे तक उसे खाद नहीं मिल सकी। पिछले चार हफ्तों से खाद को लेकर लगातार परेशान है, लेकिन जिला प्रशासन किसानों को खाद उपलब्ध नहीं कर पा रहा है। गुड़िया पटेल छतरपुर जिले के परा गांव की रहने वाली है। वह गर्ल्स कॉलेज से M. A. कर रही है। गुड़िया का कहना है कि माता-पिता की मदद के लिए पढ़ाई छोड़कर खाद के लिए लाइन में लगी थी, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि खाद के बदले मैडम उसे थप्पड़ जड़ देंगी |

जब मैंने कुछ नहीं किया, तो उन्हें कोई अधिकार नहीं

गुड़िया पटेल का कहना है कि मैंने किसी भी तरह की कोई अभद्रता नहीं की और न ही मैंने मैडम के साथ कोई मारपीट की थी। जब मैं उनके साथ किसी भी तरह की कोई मारपीट नहीं की, अभद्रता नहीं की, तो उन्हें भी मेरे साथ मारपीट करने का कोई अधिकार नहीं है। गुड़िया पटेल ने कहा कि मैडम ने उन्हें एक साथ कई थप्पड़ मारे। उनके बाल भी खींचे।

तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी

मामले में छतरपुर जिले के अपर कलेक्टर मिलिंद कुमार नागदेवे का कहना है कि फिलहाल जो वीडियो वायरल हुआ है, उसको देखते हुए नायब तहसीलदार ऋतु सिंघई को ड्यूटी से हटा दिया गया है। छतरपुर कलेक्टर ने नोटिस भी जारी किया है। नोटिस के बाद उनका जवाब आने का इंतजार है। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी |

इस मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘यह सुशासन नहीं, कुशासन की पराकाष्ठा है. मध्य प्रदेश में किसान अगर खाद मांगें, तो प्रशासन थप्पड़ बरसाता है. क्या प्रदेश में अब खाद मांगना गुनाह हो गया है. पहले भी एक महिला अधिकारी ने किसान को खाद के लिए थप्पड़ मारा था और आज फिर छतरपुर में महिला नायब तहसीलदार ने खाद के लिए लाइन में खड़ी एक छात्रा को सिर्फ टोकन मांगने पर थप्पड़ जड़ दिया

उन्होंने आगे लिखा, ‘भूखे प्यासे, दो-दो महीने से खाद के लिए तरसते किसान. रातों रात लाइन में लगने वाली गरीब महिलाएं-छात्राएं, जिनके सपने किताबों में थे, अब सरकारी थप्पड़ों में बदल दिए गए और भाजपा सरकार कहती है कि सबका साथ, सबका विकास. कितना बड़ा मजाक है. चुनावी मंचों से किसान सम्मान की बातें लेकिन जमीनी हकीकत यह कि किसानों को खाद की जगह थप्पड़ मिलता है. मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है कि इस घटना पर तत्काल संज्ञान लेते हुए ऐसे अधिकारी के खिलाफ तुरंत और सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए