फर्जी IAS बनकर मंत्रालय में एंट्री, उपसचिव से तबादले की डील करने पहुंचा इंदौर निवासी योगेंद्र सिंह चौहान
भोपाल मंत्रालय में एक व्यक्ति ने खुद को 2019 बैच का फर्जी आईएएस अधिकारी बताया। इंदौर निवासी योगेंद्र सिंह चौहान सामान्य प्रशासन विभाग के उपसचिव से तबादले की बात करने पहुंचा।
भोपाल मंत्रालय में फर्जी IAS की एंट्री, तबादले की बात करने पहुंचा युवक; मानसिक स्थिति अस्थिर पाई गई
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित मंत्रालय में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने खुद को 2019 बैच का आईएएस अधिकारी बताते हुए सामान्य प्रशासन विभाग में एंट्री ले ली। युवक की पहचान इंदौर निवासी योगेंद्र सिंह चौहान के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, योगेंद्र सिंह चौहान स्वयं को 2019 बैच का आईएएस अधिकारी और इंदौर में पदस्थ अपर कलेक्टर बताकर सामान्य प्रशासन विभाग के उपसचिव अजय कटेसरिया के कक्ष में पहुंचा। उसने अपना तबादला करने की बात छेड़ी, जिस पर उपसचिव को संदेह हुआ।
पूछताछ में खुली पोल
बातचीत के दौरान जब उससे सिलेक्शन बैच पूछा गया तो उसने 2019 बताया। अधिकारियों के अनुसार, सिलेक्शन बैच और संवर्ग बैच में अंतर होता है। जवाबों में असंगति मिलने पर संदेह गहरा गया।
जब उससे सुरक्षा कर्मी के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि कलेक्टर ने सुरक्षा कर्मी ले लिया है। इसके बाद उपसचिव ने मंत्रालय के सुरक्षाकर्मियों को बुला लिया।
सूची में नहीं मिला नाम
मंत्रालय के सुरक्षा अधिकारी अविनाश शर्मा ने युवक से पूछताछ की और 2019 बैच के आईएएस अधिकारियों की सूची दिखाई, जिसमें उसका नाम नहीं था। इसी के बाद स्पष्ट हो गया कि वह फर्जी तरीके से अधिकारी बनकर मंत्रालय पहुंचा था।
नहीं हुई कानूनी कार्रवाई
पूछताछ के दौरान युवक की मानसिक स्थिति अस्थिर पाई गई। इसे देखते हुए उसके विरुद्ध कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई और उसे उसके स्वजनों को सौंप दिया गया।
घटना के बाद मंत्रालय की सुरक्षा व्यवस्था और अधिकारियों की सतर्कता को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस