CM मोहन यादव लेंगे मंत्रियों के काम का हिसाब-45 सूत्रीय एजेंडा:समीक्षा बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य से लेकर हवाई सेवाओं पर होगा डिस्कसन
Mohan Yadav सरकार के ढाई साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के कामकाज की बड़ी समीक्षा करेंगे। इसके लिए 45 सूत्रीय एजेंडा तैयार किया गया है। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, नगरीय विकास, निवेश, हवाई सेवाएं और ग्रामीण योजनाओं सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
CM मोहन यादव लेंगे मंत्रियों के काम का हिसाब, 45 सूत्रीय एजेंडा तैयार
शिक्षा, स्वास्थ्य, निवेश, पेयजल और हवाई सेवाओं सहित कई अहम मुद्दों पर होगी बड़ी समीक्षा बैठक
Mohan Yadav सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद अब प्रदेश सरकार प्रशासनिक कामकाज की बड़ी समीक्षा की तैयारी में जुट गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रियों और विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिवों से विभागवार कामकाज का विस्तृत हिसाब लेंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से 45 सूत्रीय एजेंडा तैयार किया गया है, जिसकी जानकारी संबंधित विभागों को भेज दी गई है।
पहले यह समीक्षा बैठक 8 मई से शुरू होने वाली थी, लेकिन अंतिम समय में इसे स्थगित कर दिया गया। अब नई तारीख जल्द जारी की जाएगी। माना जा रहा है कि यह बैठक आगामी ढाई वर्षों के लिए सरकार की प्राथमिकताओं और विकास योजनाओं की दिशा तय करेगी।
विभागवार होगी समीक्षा, भविष्य की रणनीति भी बनेगी
सरकार इस बैठक के जरिए केवल मौजूदा योजनाओं की प्रगति ही नहीं देखेगी, बल्कि अगले चरण की कार्ययोजना भी तय करेगी। हर विभाग को अपने प्रमुख प्रोजेक्ट, उपलब्धियां, चुनौतियां और आगामी लक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे। मुख्यमंत्री खासतौर पर उन योजनाओं पर फोकस करेंगे, जिनका सीधा असर आम जनता पर पड़ता है।
स्वामित्व योजना और पट्टा वितरण पर फोकस
राजस्व एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा के दौरान ‘स्वामित्व योजना’ सबसे अहम मुद्दों में शामिल रहेगी। सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के नाम पर निशुल्क रजिस्ट्री और प्रधानमंत्री के माध्यम से लगभग 50 लाख पट्टों का सिंगल क्लिक वितरण करने की तैयारी कर रही है।
इसके अलावा ग्राम पंचायतों में नई आबादी भूमि का चिन्हांकन कर उसे आबादी भूमि घोषित करने का अभियान भी चलाया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीणों को संपत्ति संबंधी अधिकार मजबूत होंगे और विवाद कम होंगे।
नर्मदा मिशन और ग्रामीण विकास योजनाओं पर चर्चा
ग्रामीण विकास से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट भी एजेंडे में शामिल हैं। नर्मदा मिशन, ग्रामीण सड़क, जल संरक्षण और पंचायत स्तर की विकास योजनाओं की समीक्षा होगी। मुख्यमंत्री यह भी देखेंगे कि गांवों में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति क्या है और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है या नहीं।
RGPV और मेडिकल यूनिवर्सिटी को तीन हिस्सों में बांटने की तैयारी
तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग की ओर से बड़ा प्रशासनिक बदलाव प्रस्तावित किया गया है। सरकार राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) को तीन अलग-अलग विश्वविद्यालयों में विभाजित करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित विश्वविद्यालय भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में संचालित किए जा सकते हैं।
इसी तरह मेडिकल यूनिवर्सिटी को भी तीन हिस्सों में बांटने की योजना बनाई गई है। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक कार्य आसान होंगे और क्षेत्रीय स्तर पर शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
सांदीपनि विद्यालयों का होगा बहुउद्देश्यीय उपयोग
स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग को मिलकर सांदीपनि विद्यालयों के भवनों का बेहतर उपयोग करने की योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार इन भवनों का उपयोग दोपहर की शिफ्ट में कॉलेज संचालन, कोचिंग सेंटर और स्किल डेवलपमेंट सेंटर के रूप में करना चाहती है।
मुख्यमंत्री इस योजना की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगेंगे। इससे सरकारी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने का प्रयास किया जाएगा।
नगरीय प्रशासन और पेयजल व्यवस्था की होगी समीक्षा
शहरी क्षेत्रों में पेयजल संकट और सीवेज प्रबंधन भी सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा के दौरान शहरों की निकायवार पेयजल व्यवस्था की रिपोर्ट पेश की जाएगी।
सरकार पीएचई विभाग के तकनीकी अमले को प्रतिनियुक्ति पर शहरी निकायों में भेजने की नीति पर भी विचार कर रही है, ताकि पानी और सीवेज प्रबंधन बेहतर हो सके।
नई फायर सेफ्टी नीति और आसान होगी NOC प्रक्रिया
सरकार नई फायर सेफ्टी नीति लाने की तैयारी में है। साथ ही फायर NOC की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने पर भी चर्चा होगी। इसका उद्देश्य उद्योगों, व्यवसायों और भवन निर्माण से जुड़े लोगों को राहत देना है।
स्वास्थ्य विभाग में कैंसर अस्पतालों पर जोर
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में कैंसर अस्पतालों के विस्तार और नई सुविधाओं के निर्माण पर विशेष फोकस रहेगा। सरकार प्रदेश में कैंसर उपचार सुविधाओं को मजबूत करना चाहती है। इसके लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
इसके अलावा जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की भी समीक्षा होगी।
DBT योजनाओं को रोजगार से जोड़ने की तैयारी
वित्त विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वह लाड़ली बहना योजना और किसान सम्मान निधि जैसी DBT योजनाओं को स्थायी रोजगार से जोड़ने का मॉडल तैयार करे। सरकार चाहती है कि लाभार्थियों को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर भी मिलें।
इसके अलावा 50 करोड़ रुपये से अधिक की सामग्री खरीदी प्रक्रियाओं को स्टेट फाइनेंस कमेटी और ईएफसी से सैद्धांतिक स्वीकृति दिलाने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है।
ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2027 की तैयारी शुरू
जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को लेकर सरकार ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। औद्योगिक निवेश एवं प्रोत्साहन विभाग को निवेश आकर्षित करने के लिए नई नीतियां और फोकस सेक्टर तय करने को कहा गया है।
सरकार भोपाल में आईटी नॉलेज सिटी और उज्जैन में डीप टेक पार्क विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके साथ AI, डेटा सेंटर और हाईटेक उद्योगों में निवेश आकर्षित करने के लिए रोडमैप तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव विशेष रूप से आईटी सेक्टर में बड़े निवेश को लेकर गंभीर नजर आ रहे हैं।
हवाई सेवाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी रहेगा फोकस
सरकार प्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर भी चर्चा करेगी। नए एयर रूट, छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने और एयरपोर्ट सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विभागीय रिपोर्ट ली जाएगी।
सरकार की प्राथमिकताओं का रोडमैप तय करेगी बैठक
यह समीक्षा बैठक केवल विभागीय मूल्यांकन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आगामी वर्षों के विकास एजेंडे का रोडमैप भी तय करेगी। सरकार का लक्ष्य प्रशासनिक सुधार, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में तेजी से काम करना है।
मुख्यमंत्री सचिवालय ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे योजनाओं की प्रगति, बजट उपयोग, लक्ष्य और आगामी रणनीति की विस्तृत प्रस्तुति तैयार रखें। माना जा रहा है कि बैठक के बाद कई बड़े प्रशासनिक और नीतिगत फैसले सामने आ सकते हैं।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस