बजट 2026-27: टेक्सटाइल एवं गारमेंट सेक्टर और MSME के लिए संरचनात्मक सुधार की मांग— चम्पालाल बोथरा, CAIT

CAIT के राष्ट्रीय चेयरमैन चम्पालाल बोथरा ने बजट 2026-27 में टेक्सटाइल, गारमेंट सेक्टर और MSME के लिए बड़े संरचनात्मक सुधारों की मांग की है। प्रमुख मांगों में GST सरलीकरण, MSME को वित्तीय राहत, ITC नियमों में संशोधन, PM MITRA पार्कों को गारमेंट हब बनाना, PLI योजना का MSME तक विस्तार, डिजिटल व ई-कॉमर्स सपोर्ट, निर्यात संरक्षण, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं और कौशल विकास शामिल हैं

बजट 2026-27: टेक्सटाइल एवं गारमेंट सेक्टर और MSME के लिए संरचनात्मक सुधार की मांग— चम्पालाल बोथरा, CAIT

CAIT ने प्री-बजट में टेक्सटाइल, गारमेंट सेक्टर व MSME के लिए GST सुधार, संरचनात्मक मजबूती, वित्तीय सहायता और निर्यात प्रोत्साहन की उठाई मांग

सूरत: कन्फ़ेडरेशन ऑल इंडिया ट्रेडर्स  (CAIT) की टेक्सटाइल & गारमेंट कमेटी के राष्ट्रीय चेयरमैन चम्पालाल बोथरा ने केंद्रीय बजट 2026-27 में टेक्सटाइल एवं गारमेंट सेक्टर और MSME के लिए संरचनात्मक मजबूती एवं वित्तीय सहायता की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र कृषि के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा रोजगार प्रदाता है और MSME, महिला सशक्तिकरण, निर्यात वृद्धि एवं Make in India का मजबूत आधार है।
बोथरा ने बजट में निम्न प्रमुख प्रस्तावों को शामिल करने का आग्रह किया—
1. GST सुधार
• ₹2,500 से ऊपर परिधानों पर लागू 18% GST के स्थान पर ₹10,000 तक एक समान 5% GST लागू किया जाए।
• MSME व्यापारियों के लिए GST पंजीकरण सीमा ₹40 लाख से बढ़ाकर ₹1 करोड़ की जाए तथा GSTR-2A आधारित सरल ITC प्रणाली लागू हो।
2. धारा 16(2)(aa) में संशोधन
• सप्लायर की गलती पर ईमानदार खरीदार से ITC वापस लेने की व्यवस्था समाप्त की जाए। वैध Invoice और भुगतान के आधार पर Bona-fide खरीदार का ITC सुरक्षित रखा जाए।
3. MSME तरलता एवं भुगतान सुरक्षा
• धारा 43B(h) को पूरे वर्ष प्रभावी किया जाए। भुगतान अवधि 45 दिन के स्थान पर 75 दिन तय हो और Presumptive Tax (धारा 44AD) की सीमा ₹5 करोड़ की जाए।
4. PM MITRA Park एवं Garment Hub
• PM MITRA पार्कों को  Garment Manufacturing Hub के रूप में विकसित किया जाए।
• MSME यूनिट्स के लिए Plug & Play शेड, CFC, Testing Lab और CETP को बजटीय सहायता दी जाए। National Garment Hub Development Scheme शुरू की जाए।
5. Garment PLI योजना का MSME तक विस्तार
• PLI योजना में MSME के लिए निवेश और Turnover की शर्तों में ढील दी जाए। रोजगार, उत्पादन और निर्यात आधारित गारमेंट इकाइयों को सीधा प्रोत्साहन मिले।
6. Online, Digital एवं E-Commerce
• MSME के लिए Online Export – Single Window Digital Policy लागू हो।
• Google, YouTube, Social Media और Online Branding हेतु बजटीय सहायता दी जाए। विदेशी E-commerce कंपनियों की Predatory Pricing और Deep Discounting पर नियंत्रण हो।
7. निर्यात संवर्धन, FTA एवं आयात नियंत्रण
• FTA के प्रभाव को समझने के लिए राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर FTA Help Desk स्थापित की जाए।
• चीन और अन्य देशों से आने वाले Under-valued फैब्रिक/गारमेंट पर MIP और Anti-Dumping Duty लागू हो। RoDTEP का युक्तिकरण सुनिश्चित किया जाए।
8. सामाजिक सुरक्षा
• 60 वर्ष से अधिक आयु के पंजीकृत व्यापारियों/बुनकरों के लिए ₹5,000 मासिक पेंशन।
• आग, चोरी और दुर्घटना हेतु ₹10 लाख का सब्सिडी-युक्त बीमा कवर।
9. TEX-RAMPS, Skill एवं महिला सशक्तिकरण
• TEX-RAMPS योजना का राज्य अनुदान ₹12 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख किया जाए।
• Textile Skill Mission 2.0 में AI, ऑटोमेशन और Digital Designing पर फोकस हो।
• ‘हर घर सिलाई योजना’ के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण और क्लस्टर आधारित रोजगार मिले।
चम्पालाल बोथरा ने कहा कि यदि बजट में ये सुधार शामिल किए जाते हैं, तो भारत का US$ 350 Billion Textile Vision साकार होगा।