मोहन यादव के बचाव में उतरे अखिलेश यादव, बोले- BJP की अंदरूनी साजिश; राजभर ने जोड़ा भरत यादव और सपा से कनेक्शन

उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का बचाव किया है। अखिलेश यादव ने कहा कि मोहन यादव समेत तीन सीएम को हटाने के लिए साजिश की जा रही है।

मोहन यादव के बचाव में उतरे अखिलेश यादव, बोले- BJP की अंदरूनी साजिश; राजभर ने जोड़ा भरत यादव और सपा से कनेक्शन

यूपी सरकार के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के समर्थन में बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया है कि मोहन यादव के सीएम पद से हटने पर अखिलेश यादव को किस तरह बड़ा नुकसान होगा।

मोहन यादव के बचाव में उतरे अखिलेश यादव, बोले- BJP की अंदरूनी साजिश; राजभर ने जोड़ा भरत यादव और सपा से कनेक्शन

भोपाल/लखनऊ। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav पर जमीन खरीद को लेकर लगे आरोपों के बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने इन आरोपों को भारतीय जनता पार्टी की अंदरूनी राजनीति का हिस्सा बताते हुए दावा किया कि भाजपा मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी कर रही है। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री Om Prakash Rajbhar ने अखिलेश यादव के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए उनके करीबी रिश्तों और कथित जमीन निवेश के मुद्दे को सामने ला दिया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार पर हाल ही में आरोप लगे हैं कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने उज्जैन और आसपास के इलाकों में बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी। आरोप है कि इन जमीनों के आसपास बाद में सड़क, हाईवे और अन्य सरकारी परियोजनाओं का विस्तार हुआ, जिससे उनकी कीमतों में भारी वृद्धि हुई। विपक्ष इस मामले को लेकर लगातार सरकार पर हमलावर है और पारदर्शिता की मांग कर रहा है।

इसी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा अपने ही नेताओं को निशाना बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहन यादव के खिलाफ लगाए जा रहे आरोप किसी विपक्षी दल की रणनीति नहीं, बल्कि भाजपा के भीतर चल रही खींचतान का परिणाम हैं। अखिलेश ने कहा कि पहले किसी नेता की छवि खराब की जाती है और फिर उसे पद से हटाने का माहौल बनाया जाता है।

सपा प्रमुख ने दावा किया कि भाजपा तीन राज्यों में मुख्यमंत्री बदलने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में मोहन यादव, राजस्थान में वर्तमान मुख्यमंत्री और उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को हटाने की योजना पर काम चल रहा है। उनके अनुसार, मोहन यादव से जुड़ा विवाद उसी बड़े राजनीतिक अभियान का हिस्सा है।

हालांकि अखिलेश यादव का यह बयान भाजपा नेताओं को रास नहीं आया। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने इसे लेकर सीधे अखिलेश यादव को घेर लिया। राजभर ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयान में कहा कि अखिलेश यादव ने जानबूझकर एक महत्वपूर्ण तथ्य छिपाया है।

राजभर ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी Bharat Yadav, जो राज्य सड़क विकास निगम से जुड़े रहे हैं, उनका संबंध समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कोषाध्यक्ष Chandrapal Yadav के परिवार से है। राजभर के अनुसार भरत यादव, चंद्रपाल यादव के दामाद हैं और अखिलेश यादव इस रिश्ते से भलीभांति परिचित हैं।

राजभर ने सवाल उठाया कि यदि सड़क और हाईवे परियोजनाओं की जानकारी सरकारी तंत्र में पहले से उपलब्ध होती है तो इस मामले में किन लोगों को लाभ मिला और किन लोगों ने निवेश किया, इसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया यह संकेत देती है कि वह इस पूरे मामले को लेकर असहज हैं।

अपने बयान में राजभर ने कहा कि यदि मोहन यादव के खिलाफ लगाए गए आरोप सही हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन यदि आरोपों के पीछे राजनीतिक उद्देश्य हैं तो उन लोगों की भी जांच होनी चाहिए जिन्होंने जमीनों में निवेश किया और बाद में लाभ कमाया। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव की बेचैनी कई सवाल खड़े करती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद अब केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं रह गया है। जमीन खरीद के आरोपों से शुरू हुई बहस अब उत्तर प्रदेश की राजनीति और भाजपा-सपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप के नए दौर में बदलती दिखाई दे रही है। एक ओर विपक्ष मुख्यमंत्री मोहन यादव से जवाब मांग रहा है, वहीं दूसरी ओर भाजपा नेता विपक्षी दलों के नेताओं और उनके करीबी लोगों की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।

उधर कांग्रेस भी इस मुद्दे को लेकर लगातार सरकार पर दबाव बना रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि मुख्यमंत्री या उनके परिवार ने ऐसी जमीनें खरीदी हैं जिनके आसपास बाद में सरकारी परियोजनाएं विकसित हुईं, तो पूरे मामले की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। वहीं भाजपा का कहना है कि विपक्ष बिना तथ्यों के राजनीतिक आरोप लगाकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है।

फिलहाल यह मामला राजनीतिक बयानबाजी के केंद्र में है। एक तरफ अखिलेश यादव इसे भाजपा की अंदरूनी लड़ाई बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ ओमप्रकाश राजभर विपक्ष पर ही सवाल खड़े कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यदि इस मामले की औपचारिक जांच या कोई नया खुलासा सामने आता है, तो यह विवाद मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों की राजनीति पर असर डाल सकता है।