टीवी अभिनेत्री कांची सिंह ने भोपाल में ‘वुमन पावर अवॉर्ड 2026’ कार्यक्रम में आयोजकों और रेस्टोरेंट संचालक पर बदसलूकी के लगाए गंभीर आरोप

भोपाल में वुमन पावर अवॉर्ड 2026 कार्यक्रम में शामिल टीवी अभिनेत्री कांची सिंह ने आयोजकों और रेस्टोरेंट संचालक पर बदसलूकी के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बातचीत के दौरान उन्हें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नाम लेकर धमकाने की कोशिश भी की गई।

टीवी अभिनेत्री कांची सिंह ने भोपाल में ‘वुमन पावर अवॉर्ड 2026’ कार्यक्रम में आयोजकों और रेस्टोरेंट संचालक पर बदसलूकी के लगाए गंभीर आरोप

भोपाल में भड़कीं कांची सिंह: वुमन पावर अवॉर्ड 2026 में आयोजकों-रेस्टोरेंट संचालक पर बदसलूकी के गंभीर आरोप

वीडियो बिना अनुमति पोस्ट करने, सीएम डॉ. मोहन यादव का नाम लेकर दबाव बनाने का आरोप; आयोजक और रेस्टोरेंट संचालक ने सभी दावे नकारे

भोपाल में आयोजित ‘वुमन पावर अवॉर्ड 2026’ कार्यक्रम के बाद टीवी अभिनेत्री कांची सिंह ने आयोजकों और एक रेस्टोरेंट संचालक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांची का कहना है कि डिनर के दौरान उनके वीडियो बिना अनुमति रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए, और जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई तो उन पर दबाव बनाने की कोशिश की गई।

कांची सिंह के अनुसार, कार्यक्रम 14 मार्च को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं हुई। इवेंट के बाद आयोजकों ने उन्हें डिनर के लिए आमंत्रित किया, जहां शुरुआत में उनका स्वागत किया गया और माहौल सामान्य रहा।

हालांकि, कांची का आरोप है कि डिनर के दौरान उनकी लगातार वीडियो रिकॉर्डिंग की गई और बाद में इन्हें बिना अनुमति सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया गया। जब उन्होंने वीडियो हटाने या प्रमोशन के लिए भुगतान की बात की, तो रेस्टोरेंट संचालक से बातचीत के दौरान प्रभावशाली लोगों से संबंध होने और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नाम लेकर दबाव बनाने की कोशिश की गई।

कांची ने यह भी स्पष्ट किया कि आयोजकों और रेस्टोरेंट के बीच किसी भी बिल या आर्थिक लेन-देन से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी बात रखने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया।

वहीं, रेस्टोरेंट संचालक मनीष शर्मा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि कांची सिंह उनकी सहमति से रेस्टोरेंट आईं और वहां प्रमोशनल वीडियो बनाए गए। उनके अनुसार, भोजन के बदले प्रमोशन की बात हुई थी, लेकिन बाद में अतिरिक्त भुगतान की मांग की गई।

संचालक ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री का नाम लेकर दबाव बनाने का आरोप निराधार है और विवाद के बाद संबंधित वीडियो सोशल मीडिया से हटा दिया गया है।

कांची सिंह ने अंत में कहा कि उनका उद्देश्य किसी को निशाना बनाना नहीं, बल्कि ऐसे मामलों को लेकर जागरूकता फैलाना है।