नई तबादला नीति पर सीएम का सख्त रुख: 15 जून अंतिम तारीख, कई विभागों में ट्रांसफर अटके, अब परफॉर्मेंस आधारित होंगे तबादले
मध्य प्रदेश में नई तबादला नीति के तहत 15 जून है तबादलों की अंतिम तारीख, लेकिन कई विभागों में नहीं किए जा रहे ट्रांसफर, सीएम दिखे सख्त जारी किए नए निर्देश, अब तीन साल का कार्यकाल नहीं, कर्मचारियों अधिकारियों की परफॉर्मेंस के आधार पर तय होगा ट्रांसफर
मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों की अंतिम तिथि 15 जून तय की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी विभागों को निर्धारित समय सीमा के भीतर स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों को लेकर नई तबादला नीति के तहत सरकार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि सभी विभागों को 15 जून की निर्धारित समयसीमा के भीतर तबादला प्रक्रिया पूरी करनी होगी, इसके बाद सामान्य तबादलों पर रोक रहेगी।
प्रदेश में अब तक लगभग 30 हजार कर्मचारी ऑनलाइन ट्रांसफर के लिए आवेदन कर चुके हैं। अंतिम तारीख नजदीक आने के साथ ही आवेदनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि लंबित मामलों का समय पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
नई नीति के तहत क्लास-1 अधिकारियों के तबादलों में मुख्यमंत्री की स्वीकृति अनिवार्य कर दी गई है। इन अधिकारियों के स्थानांतरण आदेश तभी जारी होंगे जब मुख्यमंत्री की अंतिम मंजूरी प्राप्त होगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री के अधीन आने वाले 11 विभागों की ट्रांसफर फाइलों पर निर्णय भी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर से लिया जाएगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी विभाग में कुल कर्मचारियों के न्यूनतम 10 प्रतिशत और अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही तबादले किए जा सकेंगे, ताकि प्रशासनिक संतुलन बना रहे और कार्य प्रभावित न हो।
नई तबादला नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव यह भी है कि अब कर्मचारियों के ट्रांसफर केवल तीन साल के कार्यकाल के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी परफॉर्मेंस और कार्यक्षमता के मूल्यांकन के आधार पर किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनेगी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस