करणी सेना के काफिले पर पथराव, देर रात हुए बवाल में कई गाड़ियां टूटीं, किया चक्का जाम कार्रवाई की मांग की
सीहोर, मध्य प्रदेश में करणी सेना और एक विशेष समुदाय के बीच मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. पत्थरबाजी में 12 गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं और दो लोग घायल हुए.
सीहोर जिले के आष्टा में दो समुदायों के बीच विवाद के बाद पथराव हुआ और कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। घटना के चलते इलाके में तनाव फैल गया। इसके बाद करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने भोपाल–इंदौर हाईवे जाम कर दिया। पुलिस के मोर्चा संभालने के बाद हालात काबू में हैं और ट्रैफिक अब सामान्य हो गया है।
आष्टा में सोमवार को क्षत्रिय करणी सेना और सर्व हिंदू समाज ने विरोध प्रदर्शन किया। यह पूरा हंगामा अलीपुर में करणी सेना की गाड़ियों पर हुए हमले और मारपीट के विरोध में हुआ। प्रदर्शनकारियों ने पुराने भोपाल-इंदौर मार्ग के भोपाल नाके पर धरना दिया और पुलिस को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पूरा मामला रविवार रात का है, जब हरदा से लौट रहे करणी सैनिकों और एक विशेष समुदाय के लोगों के बीच अलीपुर चौराहे पर किसी बात को लेकर बहस हो गई। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट और पथराव शुरू हो गया। उस वक्त पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह स्थिति को संभाला था।
भोपाल-इंदौर हाईवे पर लगा जमा
बताया जा रहा है कि रात में करीब 9 बजे के पास दो समुदायों में कहासुनी हुई थी, जिसके बाद यहां पथराव शुरू हो गया. घटना के बाद भोपाल इंदौर हाईवे पर जमा की स्थिति बन गई. क्योंकि हरदा की तरफ से आए वाहनों को रोका जाने लगा, जिससे जाम बढ़ना शुरू हो गया. घटना की जानकारी मिलते ही पार्वती थाना और आष्टा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने के बाद जाम खुलवाया गया. मौके पर स्थानीय पुलिस बल भी पहुंच गया है जो मोर्चा संभाले हुए हैं. वहीं घटना के बाद पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, तोड़फोड़ में जो नुकसान हुआ है, उसका भी आकलन किया जाएगा और विवाद के कारणों का पता लगाया जाएगा. फिलहाल सभी से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
वहीं करणी सेना परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन शेरपुर ने भी इस मामले में बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यह विवाद एक षड्यंत्र लग रहा है, क्योंकि यह करणी सेना परिवार के आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश हो रही है. उन्होंने करणी सेना परिवार के लोगों से अपील की है कि वह विवादों से दूर रहे और किसी भी तरह की अफवाहों में न आए. उन्होंने सभी लोगों से अपने घर वापस लौटने की अपील की है.
गाड़ियों में तोड़फोड़ और पथराव को लेकर नाराजगी
करणी सेना ने आरोप लगाया है कि उन पर हमला सोची-समझी साजिश के तहत किया गया। ज्ञापन में कहा गया कि उनके सदस्यों पर छतों से पत्थर फेंके गए और जान से मारने की कोशिश की गई। इस हमले में करीब 10 से 15 गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और करीब एक घंटे तक पत्थरबाजी होती रही। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि हमलावरों के अवैध मकानों की जांच कर उन्हें जमींदोज किया जाए।
पुलिस बल तैनात, दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा
प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पुलिस फोर्स के साथ सीआरपीएफ के जवान और वज्र वाहन भी तैनात रहे। एडिशनल एसपी सुनीता यादव ने ज्ञापन लेते हुए भरोसा दिलाया कि केस दर्ज कर लिया गया है और दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। इस प्रदर्शन में सर्व हिंदू समाज और करणी सेना के कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस