खिलाड़ियों ने फाड़े प्रमाणपत्र, फेंक दिए मेडल, खरगोन सांसद खेल महोत्सव में हंगामा,सांसद फंड नहीं है बोलकर निकल गए
सांसद खेल महोत्सव 2025: एमपी के खरगोन में नकद पुरस्कार न दिए जाने से खिलाड़ी भड़क गए और उन्होंने मंच के सामने ही अपने सर्टिफिकेट फाड़ दिए और मेडल जमीन पर फेंक दिए.
खरगोन में सांसद खेल महोत्सव के समापन पर खिलाड़ियों ने कैश प्राइज न मिलने पर हंगामा किया. प्रमाण-पत्र फाड़े और मेडल फेंके. सांसद सुमेर सिंह सोलंकी ने बताई वजह...
खरगोन के स्टेडियम मैदान में गुरुवार को सांसद खेल महोत्सव के समापन के दौरान खिलाड़ियों ने अपने प्रमाण पत्र फाड़ दिए और मेडल फेंक दिए। खिलाड़ियों ने पुरस्कार राशि नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। खिलाड़ियों का कहना था कि अन्य जिलों में सांसद खेल महोत्सव के दौरान विजेताओं को नकद पुरस्कार दिए गए, जबकि खरगोन में उन्हें सिर्फ प्रमाण पत्र देकर औपचारिकता पूरी की गई।
छात्रों ने मेडल राज्यसभा सांसद सुमेरसिंह सोलंकी के सामने ही फेंके। इस दौरान सांसद ने फंड की व्यवस्था नहीं होने की बात कही और वहां से निकल गए।
कैश पुरस्कार नहीं मिलने पर छात्रों में गुस्सा खिलाड़ी हर्षिता यादव और उर्वशी चौहान ने बताया कि बड़वानी जिले में आयोजित सांसद खेल महोत्सव में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर आने वाले खिलाड़ियों को नगद राशि दी गई थी। यहां न तो पुरस्कार राशि दी गई और न ही खेल के दौरान खाने-पीने की समुचित व्यवस्था की गई। विरोध कर रहे खिलाड़ियों ने राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेरसिंह सोलंकी से पुरस्कार राशि की मांग की, लेकिन सांसद ने फंड की कमी बताते हुए असमर्थता जता दी।
अधिकारी बोले- जिले में ऐसी व्यवस्था नहीं थी मामले में जिला खेल अधिकारी पवी दुबे ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि खिलाड़ियों के लिए पानी और स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि खरगोन जिले में पुरस्कार राशि देने का कोई प्रावधान नहीं था और न ही इसके लिए किसी पंपलेट या सूचना में उल्लेख किया गया था। जहां-जहां नकद पुरस्कार दिए गए होंगे, वहां स्थानीय स्तर पर व्यवस्था की गई होगी।
गौरतलब है कि 27 सितंबर से शुरू हुआ सांसद खेल महोत्सव करीब एक माह तक चला, जिसमें जिले की आठ तहसीलों के लगभग 1500 छात्रों ने कबड्डी, खो-खो, क्रिकेट, रस्साकशी और एथलेटिक्स जैसे खेलों में भाग लिया। समापन समारोह में राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेरसिंह सोलंकी, भाजपा जिलाध्यक्ष नंदा ब्राह्मणे और कलेक्टर भव्या मित्तल मौजूद रहे। कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन भी सुनाया गया।
गांव से जिला स्तर तक उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 300 खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया, लेकिन पुरस्कार व्यवस्था को लेकर उठा विवाद पूरे आयोजन पर भारी पड़ गया।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस