नगर पालिका सीएमओ का मुंह किया काला ,झंडा हटाने पर भाजपा-हिंदू संगठन के लोगों का चक्काजाम, बोले- हिंदू विरोधियों के साथ यही होगा

नगर पालिका सीएमओ का मुंह किया काला ,झंडा हटाने पर भाजपा-हिंदू संगठन के लोगों का चक्काजाम, बोले- हिंदू विरोधियों के साथ यही होगा

मध्य प्रदेश के दमोह में हिंदु संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा जिले के सीएमओ के मुंह पर कालिक पोतने का मामला सामने आया है। कालिख पोतने की वजह भगवा झंडों को हटवाने का आदेश देना बताया जा रहा है। इसके चलते हिंदू संगठन के कुछ लोग नाराज हुए और सीएमओ के सरकारी आवास पर जाकर चेहरे पर कालिख पोत दी। पीड़ित सीएमओ का नाम प्रदीप शर्मा है। जानिए क्या है पूरा मामला।

ये गलत बात है..., और चेहरे पर पोती कालिख-

घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें दो व्यक्ति सीएमओ के घर जाते हैं और उनके ऊपर कालिख पोत देते हैं। सीएमओ घर के बाहर खड़े होकर फोन पर बात कर रहे होते हैं कि तभी एक शख्स उनके चेहरे पर कुछ पोतने लगता है। दूसरा शख्स बोलता है- ये गलत है। आप हिंदू त्योहारों को टार्गेट कर रहे हैं। इतना कहते-कहते वह भी उनके चेहरे पर कालिख पोत देता है

भगवा झंड़े हटवाने का लगा आरोप

दमोह जिले के सीएमओ प्रदीप शर्मा है ने हिंदू नव वर्ष के चलते नगर में लगने वाले भगवा झंडों को हटवाने का आदेश दिया था। इसके बाद ही यह घटना सामने आई। दमोह में हिंदू नव वर्ष के साथ-साथ रामनवमी की तैयारियां चल रही हैं। नगर में भगवा झंडे लगवाए जा रहे थे। हिंदू संगठनों का आरोप है कि सीएमओ प्रदीप शर्मा के आदेश के बाद नगर पालिका के कर्मचारी इन झंडों को हटवा रहे थे। इसके बाद ही यह विवाद शुरू हुआ|

दोनों पक्ष ने पुलिस से मांगी मदद

सीएमओ प्रदीप शर्मा ने पुलिस से मदद मांगी है। वहीं हिंदू संगठन भी प्रदीप शर्मा पर कार्यवाही की मांग कर रहे हैं। दमोह एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच चल रही है। एक टीम बना दी गई है जल्दी यह स्पष्ट हो जाएगा की आखिर इस पूरे मामले में गलती किसकी है। अगर सीएमओ उनके साथ अभद्र व्यवहार करने वाले व्यक्तियों पर मामला दर्ज करना चाहते हैं तो हम कार्रवाई करेंगे।

कलेक्टर से की निलंबन की मांग

इसके बाद हिंदू संगठन के दर्जनों कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर सुधीर कोचर से सीएमओ को निलंबित करने या अन्यत्र अटैच करने की मांग की। हिंदू संगठन के पदाधिकारियों अंजू खत्री, मोंटी रैकवार, कपिल सोनी, सतीश तिवारी और विक्की गुप्ता ने कलेक्टर से कहा कि यह पहली बार है जब त्योहार को लेकर घंटाघर पर लगाए गए भगवा ध्वजों को हटाने का प्रशासनिक प्रयास किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएमओ का यह कदम हिंदू विरोधी है, जिससे समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

कलेक्टर ने मांगा समय

कलेक्टर सुधीर कोचर ने इस पूरे विवाद को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीएमओ को निलंबित या अटैच करने का अधिकार राज्य शासन के पास है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हें शासन को भेजा जाएगा। कलेक्टर ने सभी से आग्रह किया कि आगामी त्योहार शांति से मनाया जाए। इस मामले की जांच 10 अप्रेल तक पूरी कर जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

इधर एसपी श्रुत कीर्ति ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम की विधिवत जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो भी घटनाएं हुई हैं, उनके वीडियो और फोटो जांच के लिए एकत्र किए जाएंगे।

सीएमओ को जारी होगा शोकाज नोटिस

सीएमओ प्रदीप शर्मा ने इस प्रदर्शन और घटना को लेकर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, संगठन कार्यकर्ताओं की मांग पर कलेक्टर ने सीएमओ को शोकाज नोटिस जारी करने की बात कही है और आश्वस्त किया है कि मामले की संपूर्ण जांच 10 अप्रैल तक पूरी कर ली जाएगी।