मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया ऐलान- अब बेरोजगार कहलाएंगे ‘आकांक्षी युवा’

मध्य प्रदेश में बेरोजगारों को बेरोजगार नहीं कहा जाएगा, ये बात हम नहीं कर रहे हैं बल्कि मोहन यादव सरकार के मंत्री गौतम टेटवाल कह रहे हैं। गौतम टेटवाल ने अपने बयान में कहा है कि प्रदेश के बेरोजगारों को अब आगे से बेरोजगार नहीं कहा जाएगा। इसको बाद हर किसी के मन में सवाल आता है कि आखिर बेरोजगारों को बेरोजगार नहीं कहा जाएगा तो क्या कहा जाएगा। मंत्री ने कहा कि अब ‘बेरोजगार’ शब्द की जगह पर ‘आकांक्षी युवा’ का इस्तेमाल किया जाएगा।
सुनने में ये बात जरूर अटपटी लग रही हो लेकिन यही सच है। अभी तक जिले और स्टेशनों का नाम बदलने का दौर चल रहा था। लेकिन पिछले कुछ समय से मध्य प्रदेश सरकार भी नाम बदलने की होड़ में लग गई है। सरकार ने कुछ दिन पहले ही कई गांवों का नाम बदला था। अब ये जानकारी मिली है कि बेरोजगार शब्द का ही नए शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा।
तेजी से बढ़ता गया बेरोजगारी का आंकड़ा
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक ,मध्य प्रदेश में साल 2024 में जुलाई के समय 25 लाख 82 हजार बेरोजगार थे। जबकि दिसंबर में ये संख्या बढ़कर 26 लाख 17 हजार हो गई। लेकिन अब ये आंकड़ा 29 लाख 36 हजार तक पहुंच चुका है। लेकिन अब ये बेरोजगार नहीं बल्कि ‘आकांक्षी युवा’ कहे जाएंगे।
प्रदेश सरकार में कौशल विकास मंत्री गौतम टेटवाल ने इस मामले पर कहा है कि रोजगार कार्यालय में बेरोजगारों की रजिस्टर्ड संख्या बेरोजगारों से काफी अलग है। बेरोजगारों के मामले को समझाते हुए मंत्री ने कहा कि किसी दुकानदार का बेटा अपने पिता के साथ काम कर रहा है और बेरोजगारी लिस्ट में भी उसका नाम है तो वो बेरोजगार कैसे हुआ। उन्होंने बेरोजगारी की परिभाषा बताते हुए कहा कि यदि कोई युवा अपने या परिवार के तहत 12 हजार 646 रुपये की आय से कम कमाता है और उसे काम नहीं मिल रहा हो तब उसे बेरोजगार माना जा सकता है। इसको लेकर मंत्री ने दावा किया कि कुल मिलाकर मध्य प्रदेश में ऐसी स्थिति ही नहीं है।