कैबिनेट में इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी,पचमढ़ी नगर को अभयारण्य से अलग किया गया, सिंचाई-रोजगार-वन विकास पर हजारों करोड़ की घोषणा

मोहन कैबिनेट ने पचमढ़ी नगर को अभयारण्य से अलग करने को मंजूरी दे दी है, जिससे शहरी विकास का रास्ता साफ होगा। साथ ही टाइगर रिजर्व के बफर जोन में 390 करोड़ रुपये के विकास कार्यों और तवा सिंचाई परियोजनाओं समेत कई अहम प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई है।

कैबिनेट में इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी,पचमढ़ी नगर को अभयारण्य से अलग किया गया, सिंचाई-रोजगार-वन विकास पर हजारों करोड़ की घोषणा

मध्य प्रदेश में गणतंत्र दिवस 2026 के बाद हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले हुए. इस बारे में प्रदेश के MSME मंत्री चैतन्य कश्यप ने जानकारी दी है. उन्होंने बताया है कि हम निवेश का मध्य प्रदेश के अंदर डेस्टिनेशन बनाने में सफल हुए हैं.

MP Cabinet Meeting: मध्यप्रदेश के मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक संपन्न हुई। जिसमें कई अहम फैसले लिए गए हैं। कैबिनेट मंत्री चैतन्य कश्पय ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश में हमारी सरकार बहुत तेज गति से आगे बढ़ रही है और मुख्यमंत्री जी ने वर्ल्ड इकोनमिक फोरम की यात्रा से होकर आए हैं। इस संबंध में उन्होंने मंत्रिमंडल के साथियों को अवगत कराया है।

पचमढ़ी अभयारण्य से अलग हुआ पचमढ़ी नगर

मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि पिछले साल मई में पचमढ़ी के अंदर जो पूरा पचमढ़ी नगर है। उसका पूरा जो क्षेत्र है इसके बारे में एक निर्णय हुआ था। परंतु उसमें बाद में सुप्रीम कोर्ट के अंदर कोई समस्या आई है तो कुछ नदियां नाले व सड़कें उसके अंदर छूट गई थी। उनको निकाल के वापस से मिला के और कौन-सा क्षेत्र जो विकसित किया गया है। उसके अंदर एक परिवर्तन किया गया है तो कुछ खाते बदलकर के पुनः उसका अनुमोदन मंत्रिमंडल ने किया है।

टाइगर की जनसंख्या में तेजी से वृद्धि

टाइगर रिजर्व आप सब जानते हैं पूरे हमारी टाइगर की जनसंख्या मध्य प्रदेश में बड़ी तेज गति से बढ़ रही है और उसको देखते हुए हमारे यहां के नौ टाइगर रिजर्व है। उन रिजर्व में बफर जोन के अंदर भी कई घटनाएं सामने आ रही है। तो बफर जोन में टाइगरों की जनसंख्या बढ़ने के कारण से बफर जोन को भी सुरक्षित बनाना इसके लिए एक 390 करोड़ की योजना मंत्री परिषद के द्वारा भी स्वीकृत की गई है।

सोहागपुर और बाबई तहसील को लिफ्ट करके देंगे पानी

मंत्री ने बताया कि मंत्री परिषद के द्वारा जल संसाधन विभाग की दो परियोजना स्वीकृत की गई है। तवा परियोजना के दाईं तट की ओर से एक बागरा शाखा है। वहां से लिफ्ट इरीगेशन के माध्यम से सुहागपुर व बाबई दो तहसील को लिफ्ट करके पानी दिया जाएगा और उसी के साथ दाईं तट के पिपरिया शाखा से सोहागपुर तहसील को पानी दिया जाएगा। जिसमें एक योजना से 4200 हेक्टेयर और दूसरी योजना से 6000 हेक्टेयर। इस तरह कुल 1020 हेक्टेयर सिंचाई वहां पर की जाएगी।

नरसिंहपुर में सिंचाई का रकबा सबसे अधिक

अभी वर्तमान में पूरे नरसिंहपुर जिले के अंदर यह सबसे ज्यादा सिंचाई का रकबा अभी 78% के करीब वहां पर सिंचाई का रकबा है जो बढ़कर के इस के माध्यम से अगर हम देखेंगे तो 78 से 80 81 के आसपास पहुंचेगा और मुख्यमंत्री जी की जो मंशा है के खेती के रग में जहां आवश्यकता है हम 100% तक सिंचाई में पहुंचे उस दिशा में यह जो हमारे पास उपलब्ध पानी है यह पानी तवा डैम में उपलब्ध पानी की जो हम क्षमता से कम उपयोग कर रहे थे उसका उपयोग करके और इन दोनों योजनाओं को बनाया गया है।

63 गांव के लोग होंगे लाभान्वित

इनकी लागत 215 करोड़ है और इसमें 63 गांव के हमारे व्यक्ति वहां पर लाभान्वित होंगे। इसी के साथ में विभिन्न विभागों की 15 योजनाओं की निरंतरता यह एक क्रम है कि अगले पांच सालों के लिए जो योजनाएं हमारी विभिन्न अलग-अलग विभाग में चल रही है। उन योजनाओं के पांच साल पूर्ण होने पर निरंतरता की एक स्वीकृति दी जाती है। ये सारी योजनाएं पूर्व में स्वीकृत है। उनके कंटिन्यूटी के लिए दी गई है। इसमें शुल्क के प्रतिपूर्ति है। परीक्षा के प्रशिक्षण है। डिस्काउंट की है।

500 करोड़ से ऊपर फसल उपार्जन योजना

मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन योजना 500 करोड़ से ऊपर की जो भी उपार्जन की योजनाएं होती है जिसमें केंद्र से भी अनुदान मिलता है। उसकी भी कंटिन्यूटी की मंजूरी दी गई है। पर राजस्व विभाग के अंदर भी कई कार्यालय एवं उनके आवासीय भवनों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है।

एमपी के लोगों को विदेश में मिलेगा रोजगार

मध्य प्रदेश के बेरोजगार युवक युवतियों को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में उनके यहां से विदेश जाने आने का पूरा खर्च मध्यप्रदेश सरकार वहन करती थी। वह 2022 की योजना को अब उसका नाम बदल करके निवेश योजना और उसको अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं हेतु रोजगार निवेश नियोजन योजना 2025 उसका नाम किया गया है और इसमें महत्वपूर्ण बदलाव ये करा है। पहले में जब ये योजना बनी थी तब इसमें सिर्फ जापान के लिए युवाओं को भेजने का प्रावधान था। परंतु अब यह दुनिया के कौन से किसी भी देश में अगर कोई युवा कार्य के लिए जाता है तो उसको उसके आने जाने के वियोग की प्रतिपूर्ति राज्य शासन के द्वारा की जाएगी और इसमें करीब करीब 500 से ज्यादा 600 बच्चे प्रतिवर्ष यहां से बाहर जाएंगे। इसके लिए 45 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

ये भी फैसले लिए गए

जनजातीय कार्य विभाग के प्रस्ताव पर 15 परियोजनाएं आगामी वर्षों में चालू रखने को भी मंजूरी दी गई है।

16वें वित्त आयोग की अवधि के लिए वर्तमान कार्यक्रम चालू रखने के राजस्व विभाग के प्रस्ताव मंजूर किए हैं।

सिवनी जिले के सिमरिया गांव में मौजूद खसरा नंबर 90 की रकबा 0.60 हेक्टेयर भूमि पर वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन का गोदाम बन जाने पर भूमि स्वामी को मुआवजा दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी।

सहकारिता विभाग के रिटायर संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार सिन्हा को एक साल की संविदा नियुक्ति दी गई है।