MP में परिवहन सुधार पर बड़ा फोकस: सड़क सुरक्षा सचिवालय बनेगा, ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ से 1164 रूटों पर चलेंगी 5206 बसें

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में “म.प्र. राज्य सड़क सुरक्षा सचिवालय” बनाने और “मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना” जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं। योजना के तहत अगले दो वर्षों में 1164 मार्गों पर 5206 बसें चलाई जाएंगी। सरकार सड़क दुर्घटना वाले क्षेत्रों की मैपिंग कर एम्बुलेंस सेवाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाएगी, ताकि 30 मिनट से कम समय में राहत पहुंच सके

MP में परिवहन सुधार पर बड़ा फोकस: सड़क सुरक्षा सचिवालय बनेगा, ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ से 1164 रूटों पर चलेंगी 5206 बसें

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिवहन विभाग की समीक्षा में चौकियों को एकीकृत करने के दिए निर्देश

मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा ऐलान किया है। राज्य सरकार प्रदेश में अलग से “म.प्र. राज्य सड़क सुरक्षा सचिवालय” गठित करने जा रही है, जबकि दूसरी ओर “मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना” के जरिए अगले दो वर्षों में प्रदेश के 1164 मार्गों पर 5206 बसें उतारने की तैयारी की गई है। परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को योजना जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं को लेकर भी गंभीर चिंता जताई और प्रदेश के सबसे अधिक दुर्घटना प्रभावित क्षेत्रों की मैपिंग कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना पीड़ितों तक समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए विभिन्न विभागों की एम्बुलेंस सेवाओं को एकीकृत प्लेटफॉर्म पर लाने की तैयारी की जाए, ताकि हादसे के स्थान के सबसे नजदीकी एम्बुलेंस को ऑटो मोड में सक्रिय कर 30 मिनट से कम समय में मौके पर पहुंचाया जा सके।

प्रदेश में बनेगा सड़क सुरक्षा सचिवालय

सरकार सड़क सुरक्षा व्यवस्था को संस्थागत रूप देने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। परिवहन विभाग के अनुसार प्रदेश में “म.प्र. राज्य सड़क सुरक्षा सचिवालय” बनाया जाएगा, जो सड़क सुरक्षा नीतियों, दुर्घटना नियंत्रण, निगरानी और आपात सेवाओं के बेहतर समन्वय पर काम करेगा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में जहां सड़क दुर्घटनाएं सबसे अधिक होती हैं, उन क्षेत्रों की तत्काल पहचान और मैपिंग की जाए। इससे दुर्घटना संभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं और राहत व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना से बदलेगी बस व्यवस्था

प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना शुरू कर रही है। यह योजना दो चरणों में लागू होगी।

पहले चरण में अगले दो वर्षों के भीतर 1164 मार्गों पर 5206 बसों का संचालन किया जाएगा। इन बसों की निगरानी और संचालन के लिए अत्याधुनिक इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) भी विकसित किया जा रहा है।

सरकार ने प्रदेश को सात परिवहन क्षेत्रों में विभाजित किया है—

इंदौर क्षेत्र

उज्जैन क्षेत्र

भोपाल क्षेत्र (नर्मदापुरम सहित)

जबलपुर क्षेत्र

सागर क्षेत्र

ग्वालियर क्षेत्र (चंबल सहित)

रीवा क्षेत्र (शहडोल सहित)

इन क्षेत्रों में क्षेत्रीय मुख्यालयों से उपनगरीय क्षेत्रों तक बस सेवाएं विस्तारित की जाएंगी।

किस क्षेत्र में कितनी बसें चलेंगी?

योजना के पहले चरण में बस संचालन का प्रस्ताव इस प्रकार है—

इंदौर क्षेत्र: 121 मार्गों पर 608 बसें

उज्जैन क्षेत्र: 120 मार्गों पर 371 बसें

भोपाल क्षेत्र: 104 मार्गों पर 398 बसें

जबलपुर क्षेत्र: 83 मार्गों पर 309 बसें

सागर क्षेत्र: 92 मार्गों पर 344 बसें

ग्वालियर क्षेत्र: 65 मार्गों पर 298 बसें

रीवा क्षेत्र: 35 मार्गों पर 184 बसें

सरकार ने तय किया है कि योजना के तहत चलने वाली सभी बसों का रंग एक जैसा होगा, जिससे उनकी पहचान और एकरूपता बनी रहे।

परिवहन चौकियों को बनाया जाएगा आधुनिक

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश सीमा में प्रवेश करने वाले अन्य राज्यों के मालवाहक वाहनों की जांच के लिए परिवहन चौकियों और टोल नाकों को आधुनिक बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि परिवहन चौकियों को जल्द इंटीग्रेटेड सिस्टम से जोड़ा जाए ताकि निगरानी, जांच और राजस्व प्रबंधन अधिक प्रभावी बन सके। साथ ही परिवहन विभाग में मानव संसाधन की कमी दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।

पीएम राहत और राह-वीर योजना में MP देश में नंबर-1

बैठक में परिवहन विभाग के सचिव मनीष सिंह ने बताया कि पीएम राहत योजना और राह-वीर योजना के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश देश में पहले स्थान पर है।

पीएम राहत योजना के तहत राज्य के सभी 55 जिलों में जिला नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जा चुकी है। अब तक कुल 2298 मामलों में से 1692 मामलों को मंजूरी दी गई है।

वहीं राह-वीर योजना में अब तक 109 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 49 प्रकरण स्वीकृत किए जा चुके हैं। बालाघाट जिले को इस योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए विशेष रूप से सराहा गया।

राजस्व लक्ष्य भी बढ़ाया गया

परिवहन विभाग ने वित्तीय उपलब्धियों की जानकारी भी दी। वर्ष 2025-26 में विभाग को 4400 करोड़ रुपए राजस्व लक्ष्य दिया गया था, जबकि विभाग ने 4911.78 करोड़ रुपए की आय अर्जित की, जो लक्ष्य का 111.6 प्रतिशत है।

अब वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विभाग को 5721 करोड़ रुपए राजस्व संग्रह का लक्ष्य दिया गया है।

समीक्षा बैठकों में दिखे CM के सख्त तेवर

परिवहन विभाग के अलावा जनजातीय कार्य विभाग और पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठकों में भी मुख्यमंत्री के तेवर सख्त दिखाई दिए।

जनजातीय कार्य विभाग की बैठक में एक कैबिनेट प्रस्ताव पर सवाल उठाने पर प्रमुख सचिव ने कहा कि प्रस्ताव अधीनस्थ अधिकारियों ने तैयार किया था। इस पर मुख्यमंत्री नाराज हो गए और कहा कि जिम्मेदारी तय होनी चाहिए तथा गलत प्रस्ताव तैयार करने वालों पर कार्रवाई हो।

वहीं पशुपालन विभाग की बैठक में नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के साथ डेयरी विकास योजना की प्रगति धीमी मिलने पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल बैठक कर उसी दिन परिणाम देने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने भी इस मामले में नाराजगी जताई।

सरकार का मानना है कि सड़क सुरक्षा सचिवालय और सुगम परिवहन सेवा योजना आने वाले वर्षों में मध्य प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को नई दिशा दे सकती है। इससे ग्रामीण और उपनगरीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ेगी, जबकि सड़क हादसों में त्वरित राहत व्यवस्था भी मजबूत होगी।