बेगमबाग में फिर चला यूडीए का बुलडोजर, छह बहुमंजिला इमारतें जमींदोज; मोहन यादव सरकार की बड़ी कार्रवाई
उज्जैन विकास प्राधिकरण ने एक बार फिर सख्ती दिखाते हुए महाकाल मार्ग स्थित बेगमबाग इलाके में अवैध निर्माणों पर बड़ी कार्रवाई की. लीज नियमों के उल्लंघन पर पांच मकानों को ध्वस्त कर दिया गया. जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है
उज्जैन के महाकाल मंदिर मार्ग स्थित बेगमबाग क्षेत्र में प्रशासन ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 अवैध व्यावसायिक इमारतों को ढहा दिया है। कोर्ट से स्टे समाप्त होते ही यूडीए (UDA) ने भारी पुलिस बल के साथ अवैध कब्जों को हटाया।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के पास स्थित बेगमबाग क्षेत्र में एक बार फिर अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली। शनिवार को उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने यहां पांच से छह बहुमंजिला इमारतों को जमींदोज कर दिया। यह कार्रवाई मोहन यादव सरकार के निर्देशों के तहत की गई, जो पिछले कुछ समय से अवैध कब्जों और नियम विरुद्ध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है।
महाकाल मार्ग पर अवैध निर्माणों पर सख्ती
बेगमबाग क्षेत्र महाकाल मंदिर के प्रमुख पहुंच मार्ग पर स्थित है, जहां हर दिन हजारों श्रद्धालु आते-जाते हैं। प्रशासन के अनुसार, इस क्षेत्र में लंबे समय से आवासीय भूखंडों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था, जो पूरी तरह नियमों के खिलाफ है। इसी कारण उज्जैन विकास प्राधिकरण ने इन निर्माणों को अवैध घोषित करते हुए चरणबद्ध कार्रवाई शुरू की।
लीज खत्म, नियमों की अनदेखी
यूडीए के सीईओ संदीप कुमार सोनी के मुताबिक, वर्ष 1985 में इस क्षेत्र के भूखंड 30 साल की लीज पर केवल आवासीय उपयोग के लिए दिए गए थे। लेकिन समय के साथ भूखंड धारकों ने इनका उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए करना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, 2014-15 में लीज समाप्त होने के बाद भी उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया।
प्राधिकरण ने कई बार नोटिस जारी किए, लेकिन जब कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो 2023-24 में लीज निरस्त कर दी गई। इसके खिलाफ भूखंड धारकों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया, जहां लोअर कोर्ट से लेकर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक में उन्हें राहत नहीं मिली। स्टे हटते ही प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी।
एक साल में 58 से ज्यादा इमारतें जमींदोज
बेगमबाग में अवैध निर्माणों के खिलाफ यह कार्रवाई कोई पहली बार नहीं है। पिछले एक साल में यहां करीब 58 इमारतों को तोड़ा जा चुका है। शनिवार की कार्रवाई के बाद यह संख्या बढ़कर 63 हो गई है। प्रशासन के अनुसार, कुल 90 अवैध इमारतों की पहचान की गई थी, जिनमें से अब केवल 27 ही शेष बची हैं, जिन्हें भी जल्द ही कानूनी प्रक्रिया पूरी कर हटाया जाएगा।
45 भूखंडों पर खड़ी हुई 90 बिल्डिंग
यूडीए के अनुसार, बेगमबाग में कुल 45 भूखंड आवंटित किए गए थे, जिनका आकार करीब 2400 वर्गफीट था। लेकिन भूखंड मालिकों ने नियमों को दरकिनार करते हुए इनका छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजन कर दिया और करीब 90 इमारतें खड़ी कर दीं। इस तरह यह पूरा क्षेत्र अवैध व्यावसायिक गतिविधियों का केंद्र बन गया।
शांतिपूर्ण रही कार्रवाई
संवेदनशील क्षेत्र होने के बावजूद शनिवार की कार्रवाई पूरी तरह शांतिपूर्ण रही। प्रशासन ने पहले ही इलाके को सील कर दिया था और वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई थी। केवल श्रद्धालुओं को पैदल आने-जाने की अनुमति दी गई। अधिकारियों ने बताया कि भवन मालिकों को पहले ही नोटिस देकर समय दिया गया था, जिसके चलते उन्होंने स्वयं ही इमारतें खाली कर दी थीं।
किन-किन के मकान तोड़े गए
शनिवार को जिन भवनों पर कार्रवाई की गई, उनमें भूखंड क्रमांक 60 और 61 शामिल हैं। इनमें बशिरन बी, अब्दुल रफीक, मोहम्मद जीशान, अब्दुल गनी, बिलकिस बानो और मोहम्मद शब्बीर के नाम दर्ज थे। इन सभी पर अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन के आरोप थे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बेगमबाग को संवेदनशील क्षेत्र मानते हुए यहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन को आशंका थी कि कार्रवाई के दौरान विरोध प्रदर्शन हो सकता है, लेकिन ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिला। पूरे ऑपरेशन के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। जो भी अवैध निर्माण नियमों के खिलाफ पाए जाएंगे, उनके खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी। यूडीए का कहना है कि शेष बची 27 इमारतों को भी जल्द ही तोड़ा जाएगा।
सरकार का सख्त संदेश
इस कार्रवाई के जरिए राज्य सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि अवैध कब्जों और नियमों के उल्लंघन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खासतौर पर धार्मिक और पर्यटन महत्व वाले क्षेत्रों में व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखना सरकार की प्राथमिकता है।
बेगमबाग में चल रही यह कार्रवाई न केवल प्रशासनिक सख्ती को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि नियमों का पालन न करने पर कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। आने वाले दिनों में इस तरह की कार्रवाई प्रदेश के अन्य शहरों में भी देखने को मिल सकती है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस