BJP विधायक ने खोया आपा; ऑटो ड्राइवर पर जमकर बरसाए थप्पड़, शाह के खिलाफ कार्रवाई की उठी मांग
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें BJP विधायक पराग शाह एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर को थप्पड़ मारते हुए नजर आ रहे हैं. जिसपर कांग्रेस ने तंज कसा है.
बीजेपी विधायक पराग शाह ने निरीक्षण के दौरान एक रिक्शा चालक को थप्पड़ मार दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं विपक्ष ने विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मुंबई,बीजेपी के मंत्री हों या नेता इस कदर सत्ता के घमंड में चूर हैं कि वे कानून हाथ में लेने से बिलकुल परहेज नहीं कर रहे हैं। जिस गरीब जनता ने अपना कीमती वोट देकर उन्हें एक सम्मानित पद पर बैठाया है, आज वही विधायक खुलेआम उन्हें मारकर बेइज्जत कर रहे हैं। लोकप्रतिनिधि का काम जनता की सेवा करना होता है न कि उनकी पिटाई कर सभी के सामने शर्मसार कर देना है। घाटकोपर-पूर्व में हुई घटना ने गरीब जनता को यह सोचने के लिए मजबूर कर दिया है कि क्या हकीकत में बीजेपी के नेता जनता के सेवक हैं या कुछ और।
यहां के स्थानीय विधायक पराग शाह ने गुस्से में आकर सभी के सामने गरीब रिक्शाचालक पर थप्पड़ों की बरसात कर दी। जारी वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि विधायक किस तरह थप्पड़ जड़ रहे हैं। इस तरह की बेतुका हरकत से रिक्शाचालकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों में जबरदस्त गुस्सा देखने को मिल रहा है। रिक्शाचालक की गलती यही थी कि वह नो एंट्री में घुस गया था।
यह विवादित घटना मुंबई के घाटकोपर-पूर्व इलाके में वल्लभबाग लेन स्थित खाऊगली क्षेत्र में उस समय हुई, जब विधायक पराग शाह नागरिकों की शिकायतों को सुनने के बाद इलाके का दौरा कर रहे थे। स्थानीय लोगों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि फुटपाथ पर अवैध रूप से कुर्सियां और बेंच लगाकर दुकानदारों व फेरीवालों ने कब्जा कर रखा है, जिससे पैदल चलनेवालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा महात्मा गांधी मार्ग पर गलत दिशा में वाहनों के चलने से यातायात व्यवस्था बिगड़ने की शिकायतें भी बढ़ रही थीं। मुआयने के दौरान एक रिक्शाचालक गलती से नो एंट्री में घुस गया। इतने में विधायक तमतमा गए और बिना कुछ कहे सुने रिक्शाचालक पर कई थप्पड़ जड़ दिए। घटना का वीडियो सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर विधायक पर निशाना साधते हुए कहा है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का काम है, न कि जनप्रतिनिधियों का। फिलहाल, इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस