सूरत कपड़ा मार्केट्स के लिए “विशेष फायर सेफ्टी पॉलिसी” बनाने की पुरज़ोर मांग,CAIT – टेक्सटाइल & गारमेंट कमेटी (CAIT) की ओर से सूरत महानगर पालिका (SMC) को ठोस सुझाव :चम्पालाल बोथरा
CAIT की टेक्सटाइल & गारमेंट कमेटी ने सूरत के कपड़ा बाजारों के लिए अलग, व्यावहारिक और क्षेत्रवार “विशेष फायर सेफ्टी पॉलिसी” लागू करने की मांग की है। राष्ट्रीय चेयरमैन चम्पालाल बोथरा ने कहा कि सूरत के टेक्सटाइल मार्केट्स की संरचना विशेष होने के कारण सामान्य नियमों की बजाय कस्टमाइज्ड नीति जरूरी है।
CAIT की ओर से SMC और अग्निशमन विभाग को ठोस सुझाव
मार्केट्स की विशेष संरचना और सुरक्षा की आवश्यकता
सूरत : कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की Textile & Garment Committee ने सूरत महानगर पालिका (SMC) एवं अग्निशमन विभाग से सूरत के टेक्सटाइल मार्केट्स के लिए एक अलग, व्यावहारिक एवं क्षेत्रवार “विशेष फायर सेफ्टी पॉलिसी” शीघ्र लागू करने की पुरज़ोर मांग की है।
CAIT के टेक्सटाइल & गारमेंट कमेटी के राष्ट्रीय चेयरमैन चम्पालाल बोथरा का कहना है कि सूरत के कपड़ा बाजारों की संरचना अन्य व्यावसायिक परिसरों से भिन्न है। संकीर्ण गलियाँ, बहुमंज़िला पुराने मार्केट, ग्राहकी के अभाव में कपड़ों का अत्यधिक स्टॉक और 24×7 व्यापारिक गतिविधियाँ—इन परिस्थितियों में सामान्य नियमों के बजाय कस्टमाइज्ड एवं व्यापार-अनुकूल नीति ही प्रभावी समाधान हो सकती है।
CAIT की प्रमुख मांगें एवं सुझाव
• विशेष फायर सेफ्टी पॉलिसी का गठन:
टेक्सटाइल मार्केट्स के लिए अलग नीति बनाई जाए, जो कागजी न होकर धरातल पर प्रभावी रूप से लागू हो।
• क्षेत्रवार सुरक्षा मानक:
हर मार्केट की भौतिक स्थिति और निर्माण काल को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रवार (Area-wise) मानक निर्धारित किए जाएं।
• मार्गदर्शन आधारित दृष्टिकोण:
नोटिस, सीलिंग या भारी जुर्माने से पहले फायर सेफ्टी विशेषज्ञों द्वारा ऑन-साइट तकनीकी मार्गदर्शन अनिवार्य किया जाए।
• इलेक्ट्रिक सिस्टम का आधुनिकीकरण:
शॉर्ट-सर्किट से होने वाली आग की घटनाओं को रोकने के लिए SMC एवं बिजली विभाग टेक्सटाइल जोन के पुराने बाहरी इलेक्ट्रिक नेटवर्क को प्राथमिकता से अपग्रेड करें।
• संयुक्त समन्वय समिति का गठन:
SMC, अग्निशमन विभाग और व्यापारी संगठनों की स्थायी संयुक्त समिति बनाई जाए।
• नियमित फायर ऑडिट:
सभी मार्केट्स में साल में दो बार फायर सेफ्टी सिस्टम की जांच को नीति में शामिल किया जाए।
• राजस्व का सुरक्षा में निवेश:
वेरा टैक्स एवं एक ही शॉप में डबल वेरा टैक्स ( मालिया)से प्राप्त राशि का एक निश्चित हिस्सा टेक्सटाइल मार्केट्स के फायर इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किया जाए।
• प्रशिक्षण एवं जागरूकता:
प्रत्येक मार्केट में नियमित फायर ड्रिल और कर्मचारियों के लिए सुरक्षा प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाए।
CAIT ने कहा कि सुरक्षा और व्यापार एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं।
यदि प्रशासन सख्त प्रशासक के बजाय मार्गदर्शक की भूमिका निभाए और व्यापारियों के साथ मिलकर काम करे, तो सूरत को देश का सबसे सुरक्षित और संगठित टेक्सटाइल हब बनाया जा सकता है।
“नीति बनेगी तो सुरक्षा भी होगी और व्यापार भी बचेगा।”
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस