पूर्व विधायक पर FIR: शिवराज सिंह चौहान और भाजपा विधायक की सुपारी देने के आरोप, किसान के वीडियो से मचा हड़कंप
किसान ने आत्महत्या करने से पहले वीडियो बनाकर पूर्व विधायक पर लगाया था केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा विधायक मुकेश टंडन की सुपारी देने के आरोप।
मध्य प्रदेश के विदिशा में किसान के आत्महत्या के मामले में पूर्व कांग्रेस विधायक शशांक भार्गव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन पर पूर्व सीएम और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विधायक मुकेश टंडन की सुपारी देने के आरोप हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। साथ ही इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
विदिशा (मध्यप्रदेश) – मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विदिशा से भाजपा विधायक मुकेश टंडन की “सुपारी देने” के आरोपों के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। इस मामले में पूर्व विधायक शशांक भार्गव के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब 27 अप्रैल को एक किसान ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले किसान द्वारा बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, जिनमें उसने गंभीर आरोप लगाए थे।
किसान की आत्महत्या और वायरल वीडियो से मामला गरमाया
जानकारी के अनुसार, विदिशा जिले के सुमेर-सोराई रेलवे स्टेशन के पास स्थित बेहलोत गांव के किसान गोविंद सिंह गुर्जर ने 27 अप्रैल को ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले किसान ने अपने मोबाइल फोन से चार वीडियो रिकॉर्ड किए और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा किया।
इन वीडियो में किसान ने पूर्व विधायक शशांक भार्गव पर गंभीर आरोप लगाए। उसने दावा किया कि वह पिछले छह महीने से उनके यहां काम कर रहा था और जब उसने मजदूरी मांगी तो उसे पैसे देने के बजाय कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई।
वीडियो में किसान ने यह भी आरोप लगाया कि उसे एक रिवॉल्वर दी गई और कथित रूप से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा भाजपा विधायक मुकेश टंडन की हत्या करने के लिए उकसाया गया। किसान के अनुसार उससे कहा गया कि “अगर हत्या करोगे तभी पैसे मिलेंगे।”
इन आरोपों ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी और मामला तेजी से राजनीतिक विवाद में बदल गया।
पुलिस की कार्रवाई: FIR दर्ज, जांच शुरू
किसान के वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच और उपलब्ध वीडियो सामग्री के आधार पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने पूर्व विधायक शशांक भार्गव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में लगाए गए आरोप बेहद गंभीर प्रकृति के हैं, जिनमें उकसाने, धमकी देने और आपराधिक साजिश जैसे पहलू शामिल हैं। हालांकि, पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि अभी जांच प्रारंभिक चरण में है और सभी तथ्यों की पुष्टि की जा रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और पूर्व विधायक का पक्ष
इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। पूर्व विधायक शशांक भार्गव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला राजनीतिक साजिश का हिस्सा है और उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे और सच्चाई जल्द सामने आ जाएगी। उनके समर्थकों का दावा है कि वीडियो में लगाए गए आरोप एकतरफा और दबाव में बनाए गए हो सकते हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।
मृतक किसान के परिवार के आरोप
मृतक किसान गोविंद सिंह गुर्जर के परिवार ने भी इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। किसान के बेटे दीपक गुर्जर ने दावा किया है कि उनके पिता को लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक के कथित सहयोगियों द्वारा उनके पिता को डराया-धमकाया गया और उनके पीछे लोगों को लगाया गया।
परिवार का कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई होती तो यह घटना रोकी जा सकती थी।
प्रशासन और जांच की दिशा
पुलिस इस पूरे मामले को कई एंगल से जांच रही है। इसमें शामिल हैं—
किसान द्वारा बनाए गए वीडियो की फॉरेंसिक जांच
मोबाइल डेटा और सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता
आरोपों में बताए गए व्यक्तियों की भूमिका
आर्थिक और व्यक्तिगत विवाद की पृष्ठभूमि
अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
इलाके में तनाव और सुरक्षा व्यवस्था
घटना के बाद विदिशा जिले में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखी जा रही है।
मामला क्यों बना चर्चा का विषय
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें एक तरफ एक किसान की आत्महत्या, दूसरी तरफ गंभीर आपराधिक आरोप और तीसरी तरफ राजनीतिक हस्तियों के नाम शामिल हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इस मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा
विदिशा का यह मामला फिलहाल जांच के दायरे में है और कई गंभीर सवाल छोड़ गया है। पुलिस वीडियो, बयान और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। वहीं, राजनीतिक स्तर पर भी यह मुद्दा गर्माता जा रहा है।
सच्चाई क्या है, यह आने वाली जांच रिपोर्ट और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस