स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति पर डीएम ने दिए निर्देश, खराब प्रदर्शन पर एक दिन का वेतन रोका

उरई में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में एचएमआईएस, एनआरसी, जेएसवाई और क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति पर असंतोष जताया।

स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति पर डीएम ने दिए निर्देश, खराब प्रदर्शन पर एक दिन का वेतन रोका

एचएमआईएस, एनआरसी, जेएसवाई व क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में लक्ष्य से पीछे रहने वाले ब्लॉकों को 15 दिन में सुधार के निर्देश; पोर्टलों पर शत-प्रतिशत डेटा अपडेट कराने की चेतावनी

उरई । जनपद में स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की समीक्षा बैठक कर संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, पोर्टलों और वित्तीय प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अवगत कराया कि भारत सरकार द्वारा संचालित एसएनए स्पर्श पोर्टल के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2025-26 में उपलब्ध कराई गई धनराशि के सापेक्ष कर्मचारियों का वेतन एवं आशा मानदेय जनवरी 2026 तक भुगतान कर दिया गया है। ब्लॉक स्तर पर उपलब्ध लिमिट के सापेक्ष 83 प्रतिशत धनराशि व्यय की जा चुकी है, शेष व्यय की कार्यवाही प्रचलित है। जननी सुरक्षा योजना एवं परिवार कल्याण कार्यक्रम के लाभार्थियों के भुगतान की भी समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने आरसीएच एवं एचएमआईएस पोर्टल पर दर्ज प्रगति 01 अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक अपेक्षाकृत कम पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देशित किया कि एक सप्ताह के भीतर कार्ययोजना बनाकर वर्क प्लान पोर्टल से जनरेट डेटा का शत-प्रतिशत अपडेट सुनिश्चित किया जाए। न्यूनतम प्रगति वाले ब्लॉक कदौरा, कुठौंद, कोंच, कालपी, जालौन, जिला महिला चिकित्सालय एवं राजकीय मेडिकल कॉलेज को 15 दिवस में लंबित भुगतान शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

एफबीएनसी पोर्टल के अंतर्गत एनआरसी कार्यक्रम की समीक्षा में बेड ऑक्यूपेंसी दर 83 प्रतिशत पाई गई, जो लक्ष्य के सापेक्ष कम है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक ब्लॉक स्तरीय इकाई न्यूनतम 25 कुपोषित बच्चों को प्रतिमाह चिन्हित कर जिला चिकित्सालय स्थित एनआरसी में भर्ती कराए। साथ ही सीएचसी कोंच, कालपी, जालौन, माधौगढ़ एवं जिला महिला व पुरुष चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञों को ओपीडी के दौरान न्यूनतम 10 बच्चों को प्रतिमाह चिन्हित कर एनआरसी में भर्ती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

ई-कवच पोर्टल के अंतर्गत एएनसी रजिस्ट्रेशन, एमडीएसआर रिपोर्ट, एसएनसीयू एवं एनबीएसयू इकाइयों की प्रगति भी अपेक्षाकृत कम पाई गई। छिरिया, कदौरा, पिंडारी, महेवा, नदीगांव, माधौगढ़, बावई तथा सीएचसी जालौन, माधौगढ़ व कोंच को विशेष सुधार हेतु निर्देशित किया गया। क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में रामपुरा, कदौरा, कुठौंद, डकोर, उरई एवं आटा ब्लॉक की प्रगति जिला औसत से कम पाई गई, जिस पर कड़ी नाराजगी जताई गई।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही एवं लक्ष्य के सापेक्ष खराब प्रगति स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन अधिकारियों की प्रगति अत्यंत खराब पाई गई, उनका एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए तथा आगामी माह में सुधार न होने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की चेतावनी दी गई।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमसी डॉ. आनंद उपाध्याय सहित संबंधित अधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित रहे।