CM मोहन यादव ने अधिकारियों को सर्वे के दिए निर्देश,किसानों की मेहनत बर्बाद, बेमौसम बारिश और ओलों ने चौपट की फसल
मध्यप्रदेश के कई जिलों में हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है. बेमौसम बरसात ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. कई जिलों में फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गईं हैं. किसानों के नुकसान को देखते हुए सीएम मोहन यादव ने अधिकारियों को सर्वे के निर्देश दिए हैं.
मध्यप्रदेश के कई जिलों में हुई ओलावृष्टि और तेज बारिश से गेहूं, चना, मसूर और सरसों जैसी फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
मध्यप्रदेश में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. प्रदेश के कई जिलों में हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ है. 30 से ज्यादा जिलों में बारिश दर्ज की गई, जिसमें 8 जिलों में ओलावृष्टि भी हुई. इससे गेहूं, चना और सरसों की फसलों को नुकसान पहुंचा है. फसलों में नुकसान के बाद किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं. किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द सर्वे कराया जाए और उचित राहत राशि दी जाए.
मुख्यमंत्री के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ओलावृष्टि और असमय बारिश से हुए फसल नुकसान का तत्काल आंकलन किया जाए। इसके तहत राजस्व विभाग ने प्रभावित जिलों में सर्वे शुरू कर दिया है। सभी कलेक्टर, तहसीलदार, आरआई और पटवारियों को गांव-गांव जाकर फसल क्षति का आंकलन करने के आदेश दिए गए हैं।
राजस्व मंत्री का बयान
राजस्व मंत्री करण वर्मा ने कहा कि सभी जिलों के कलेक्टरों से 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट मंगाई जा रही है। उन्होंने बताया कि RBC 4 के प्रावधानों के तहत किसानों को मुआवजा मिलेगा
50% से अधिक फसल नुकसान पर – 32,000 रुपए प्रति हेक्टेयर
50% से कम नुकसान पर – 16,000 रुपए प्रति हेक्टेयर
25% से 33% नुकसान पर – 9,500 रुपए प्रति हेक्टेयर
उज्जैन में सर्वे शुरू
उज्जैन कलेक्टर ने बताया कि मंगलवार रात आई आंधी, तूफान और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया गया है। राजस्व अमले को निर्देश दिए गए हैं कि वे मौके पर जाकर फसल क्षति का आंकलन करें और रिपोर्ट तैयार करें।
सरकार जल्द लेगी निर्णय
वहीं कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान हितैषी है. जहां भी नुकसान हुआ है, वहां राहत देने का फैसला जल्द ही लिया जाएगा. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते कहा कि कांग्रेस संगटनात्मक रूप से कमजोर हो चुकी है और केवल बयानबाजी कर रही है.
उज्जैन में किसान ने की आत्महत्या
उज्जैन की तराना तहसील अंतर्गत एक 30 साल के किसान ने ओलावृष्टि और बारिश के कारण फसलों में हुए नुकसान के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतक किसान ने 6 बीघा में गेंहू की फसल लगाई थी जो बारिश और ओलावृष्टि के कारण चौपट हो गई. मृतक अपने परिवार में इकलौता कमाने वाला, अप्रैल में उसकी छोटी बहन की शादी थी. फसलों में हुए नुकसान के कारण उसने मौत को गले लगा लिया.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस