अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ रद्द, टेक्सटाइल & गारमेंट सेक्टर को मिली बड़ी राहत :-चम्पालाल बोथरा (CAIT)

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा विदेशी उत्पादों पर लगाए गए आयात टैरिफ को असंवैधानिक और गैरकानूनी करार देते हुए रद्द कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ‘इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) 1977’ का उपयोग कर राष्ट्रपति एकतरफा टैरिफ लागू नहीं कर सकते, क्योंकि व्यापारिक करों का अधिकार केवल अमेरिकी कांग्रेस के पास है।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ रद्द, टेक्सटाइल & गारमेंट सेक्टर को मिली बड़ी राहत :-चम्पालाल बोथरा (CAIT)

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ रद्द किए, भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर को राहत

Donald Trump की टैरिफ नीति पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा झटका

IEEPA के दुरुपयोग पर कोर्ट सख्त, एकतरफा टैरिफ असंवैधानिक घोषित

अमेरिकी फैसले से भारतीय गारमेंट निर्यातकों को बड़ी राहत

Confederation of All India Traders (CAIT) ने फैसले का किया स्वागत

सूरत,अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा विदेशी उत्पादों पर लगाए गए भारी आयात टैरिफ को पूरी तरह से गैरकानूनी और असंवैधानिक घोषित कर दिया है। न्यायालय के इस फैसले से वैश्विक व्यापार जगत के साथ-साथ भारतीय टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर को बहुत बड़ी राहत मिली है। इस निर्णय के बाद अब 50% और 18% तक के वे आयात टैरिफ निष्प्रभावी हो गए हैं, जिन्होंने पिछले काफी समय से भारतीय निर्यातकों और घरेलू कपड़ा उद्योग की कमर तोड़ रखी थी।

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की टेक्सटाइल गारमेंट कमिटी के राष्ट्रीय चेयरमैन श्री चम्पालाल बोथरा ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रपति 'इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट' (IEEPA) 1977 का गलत इस्तेमाल कर एकतरफा टैरिफ नहीं थोप सकते। कोर्ट ने अपने आदेश में यह साफ किया है कि टैरिफ लगाने या व्यापारिक करों में बदलाव करने का संवैधानिक अधिकार केवल अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के पास सुरक्षित है। राष्ट्रपति का एकतरफा निर्णय विधायी शक्तियों का उल्लंघन है।

श्री बोथरा ने टेक्सटाइल सेक्टर पर इसके सकारात्मक असर की चर्चा करते हुए बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप की इन कठोर नीतियों के कारण कच्चे माल और तैयार कपड़ों की कीमतों में भारी उछाल आया था, जिससे भारतीय MSMEs को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा करना बेहद मुश्किल हो रहा था। अब इन शुल्कों के हटने से उत्पादन लागत में बड़ी गिरावट आएगी और भारतीय निर्यातकों के मार्जिन में सुधार होगा। साथ ही, चूंकि कोर्ट ने इन टैरिफ को 'अवैध' करार दिया है, इसलिए भारतीय व्यापारियों द्वारा पूर्व में जमा किए गए करोड़ों रुपये के रिफंड मिलने की प्रबल संभावना भी पैदा हो गई है।

भविष्य की रणनीति पर प्रकाश डालते हुए श्री बोथरा ने कहा कि अब कोई भी भारी टैरिफ बिना अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी के लागू नहीं हो सकेगा, जिससे नीतिगत स्थिरता आएगी और व्यापारिक विश्वास बढ़ेगा। इससे न केवल निर्यात बढ़ेगा बल्कि टेक्सटाइल सेक्टर में नए निवेश के द्वार भी खुलेंगे।बोथरा ने बताया की 

"राष्ट्रपति ट्रंप की टैरिफ नीतियों ने भारतीय कपड़ा बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी थी। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने व्यापारिक स्थिरता और विश्वास को बहाल किया है। अब हमारा कपड़ा अमेरिका के बाजारों में फिर से प्रतिस्पर्धी दरों पर उपलब्ध होगा। CAIT इस मुद्दे पर भारत सरकार से भी बातचीत करेगा ताकि हमारे व्यापारियों के रिफंड की प्रक्रिया को तेज किया जा सके। यह निर्णय न केवल कानूनी जीत है, बल्कि भारतीय कपड़ा व्यापारियों के लिए वैश्विक स्तर पर व्यापार करने के समान अवसर सुनिश्चित करने वाला कदम है।"