नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सीएम से मांगा इस्तीफा,विधानसभा के बजट सत्र से पहले सियासी संग्राम: इंदौर में दूषित पानी से 35 मौतों पर विपक्ष का हंगामा

मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस ने जमकर किया हंगामा, इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी और उससे हुई मौतों को लेकर किया विरोध प्रदर्शन...

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सीएम से मांगा इस्तीफा,विधानसभा के बजट सत्र से पहले सियासी संग्राम: इंदौर में दूषित पानी से 35 मौतों पर विपक्ष का हंगामा

मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन भी कांग्रेस ने तीन मंत्रियों के इस्तीफे की मांग को लेकर सरकार पर हमला बोला और घेराव की चेतावनी दी, जबकि भाजपा ने विपक्ष पर लोकतंत्र का अपमान करने का आरोप लगाया।  

विधानसभा सत्र के बीच कांग्रेस का प्रदर्शन

मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन विपक्ष ने सरकार को घेरने की रणनीति अपनाई। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में कथित दूषित पानी से हुई मौत के मुद्दे पर कांग्रेस विधायकों ने सदन शुरू होने से पहले प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने गंदे पानी की बोतलें लेकर गांधी प्रतिमा के सामने नारेबाजी की। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार स्वास्थ्य और पानी की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दे रही।

नहीं सुनेंगे इन तीन मत्रियों की बात, बोलते ही करेंगे विरोध

बता दें कि कांग्रेस नेएमपी बजट सत्र के पहले ही दिन ऐलान कर दिया था कि सदन में तीन मंत्रियों कैलाश विजयवर्गीय, राजेन्द्र शुक्ल और विजय शाह की एक भी बात नहीं सुनी जाएगी। यदि वे बोलते हैं तो विरोध किया जाएगा। पार्टी ने सरकार द्वारा लिए गए कर्ज पर श्वेत पत्र लाने की भी मांग की है। मांगें नहीं मानी जाने पर 24 फरवरी को कांग्रेस प्रदेशभर के किसानों के साथ विधानसभा का घेराव करेगी। प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित अन्य नेताओं ने प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी।

उमंग ने कहा कि भागीरथपुरा में दूषित जल से 35 मौतें हो गईं, जहरीले कफ सिरप से 20 से ज्यादा बच्चों की मौत हुई, लेकिन इसके लिए मुख्यमंत्री अभी तक मंत्रियों की जिम्मेदारी तय नहीं कर पाए। एक मंत्री महिला सैन्य अधिकारी के खिलाफ अपशब्द कहते हैं। सुप्रीम कोर्ट भी आपत्ति जता चुका है। इसके बावजूद इन तीनों मंत्रियों को हटाया नहीं गया। अब मुख्यमंत्री तय कर लें कि इन मंत्रियों का इस्तीफा लें या वे खुद इस्तीफा दें।

सरकार को अभी तक लिए गए कर्ज के बारे में श्वेत पत्र लाकर जनता को हिसाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अमरीका से हुए समझौते से प्रदेश के किसान बर्बाद हो जाएंगे। इसे भी रोकने की जरूरत है। यह मुद्दे सदन में उठाएंगे।

विपक्ष पर सरकार का पलटवार

तीन मंत्रियों के इस्तीफे मांगने पर पलटवार में मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि कांग्रेस और उनके प्रदेश अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट का भी सम्मान नहीं कर रहे। पटवारी और उनकी कांग्रेस दिशा भ्रमित हो गई है। दूषित जलकांड पर मंत्री ने कहा कि विपक्ष जबरन हल्ला कर रहा है, जबकि सीएम के नेतृत्व में जिम्मेदारों के खिलाफ 'ऐतिहासिक' कार्रवाई की गई। सिरप कांड में काश्यप का कहना था कि तमिलनाडु से गलतियां और लापरवाही हुई। तब भी सरकार ने पूरे मामले में ठोस कार्रवाई की। इसी तरह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी अभिषभाण के दौरान विपक्ष हंगामे पर सियासी हमला बोला। एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विपक्ष के सदस्यों को नादान करार दिया। उन्होंने कहा कि वे संसदीय कार्यप्रणाली का भी सम्मान नहीं कर सके। यही वजह है कि कांग्रेस लगातार अपनी विश्वसनीयता खो रही है।