नर्स को गोलियों से भूना : सागर में हॉस्पिटल के बाहर मर्डर, सरेआम बदमाश ने मारी 3 गोली; ड्यूटी खत्म कर लौट रही थी घर

मध्य प्रदेश के सागर के शाहगढ़ में बुधवार को देर शाम हुई नर्स की हत्या का आरोपित मृतका का रिश्तेदार ही निकला। आरोपित ने जबलपुर के पनागर से आकर इस वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद वहां से भाग निकला। जानकारी के मुताबिक आरोपित मृतका नर्स दीपशिखा का रिश्ते में मौसेरा भाई है, जो उससे एकतरफा प्रेम किया करता था।

नर्स को गोलियों से भूना : सागर में हॉस्पिटल के बाहर मर्डर, सरेआम बदमाश ने मारी 3 गोली; ड्यूटी खत्म कर लौट रही थी घर

सागर में नर्स की सरेआम हत्या: अस्पताल के बाहर बदमाश ने दागीं 3 गोलियां, ड्यूटी से लौटते वक्त मर्डर

मध्य प्रदेश के सागर जिले में बुधवार रात उस समय दहशत फैल गई जब शाहगढ़ कम्युनिटी हेल्थ सेंटर के गेट के ठीक बाहर एक महिला स्टाफ नर्स की गोली मारकर हत्या कर दी गई। ये घटना पुलिस स्टेशन से मुश्किल से 200 मीटर दूर भीड़भाड़ वाले इलाके में हुई है।

सागर : मध्यप्रदेश के सागर जिले से एक दिल को दहलाने वाला मामला सामने आय़ा है। यहां अस्पताल जा रही एक नर्स की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस वारदात से सनसनी फैल गई। 25 वर्षीय नर्स दीपशिखा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने ड्यूटी पर जा रही इसी दौरान आरोपी ने तीन फायर किए गए, मौके पर ही नर्स की मौत हो गई थी।

आरोपी और नर्स एक दूसरे को जानते थे- जांच में खुलासा

पुलिस की प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे की वजह सामने आई है। पता चला है कि हत्यारा जबलपुर के कटंगी पाटन क्षेत्र का रहने वाला है और शाहगढ़ में अपने दोस्त के साथ रहता था। मरने वाली नर्स दीपशिखा भी इसी क्षेत्र में रह रही थी। नर्स और लड़का एक दूसरे से परिचित थे। युवक नर्स पर शादी को लेकर दबाव डाल रहा था लेकिन युवती ने उसकी बात मानने से इंकार कर दिया। आशंका जताई जा रही है कि इसी के चलते युवक ने वारदात को अंजाम दिया है।

पुलिस कार्यप्रणाली पर घरवाले उठा रहे सवाल

वही नर्स की हत्या के बाद स्थानीय लोगों और परिजन ने सड़क पर चक्काजाम किया है। मृतका के पिता ने आरोप लगाया है कि आरोपी सुशील पिछले कई महीनों से दीपशिखा पर शादी करने का दबाव बना रहा था। बेटी शादी से इंकार कर चुकी थी। दो बार शिकायत पुलिस से भी की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।परिजन ने पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

वहीं अस्पताल स्टाफ ने कहा कि, जहां पर दीपशिखा की हत्या की गई है वहां से महज 150 मीटर की दूरी पर थाना है। फिर भी पुलिस को घटना स्थल पर पहुंचने में करीब आधा घंटा लग गया। लिहाजा तमाम आरोपों के बीच आगे की तफ्तीश जारी है।

परिजनों का चक्काजाम, न्याय की मांग

नर्स दीपशिखा की हत्या की सूचना मिलने पर गुरुवार को जबलपुर के पठार गांव से उसके परिजन सागर-छतरपुर मार्ग पर पहुंचे और चक्काजाम कर प्रदर्शन किया. परिजनों ने हत्याकांड में आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की. पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है. अंतिम संस्कार गांव में किया जाएगा.

पहले साथ की तैयारी, फिर दूरी

पुलिस के मुताबिक दीपशिखा और सुशील पहले जबलपुर में रहकर साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते थे. बाद में दीपशिखा का चयन स्टाफ नर्स के पद पर हो गया और तीन साल पहले उसकी पोस्टिंग शाहगढ़ सीएचसी में हो गई. इसके बाद वह शाहगढ़ आ गई, जबकि सुशील जबलपुर में रहकर एक निजी कंपनी में काम करने लगा. 

परिवार की इकलौती कमाने वाली थी दीपशिखा

बताया गया है कि दीपशिखा के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी. वह परिवार की इकलौती कमाने वाली सदस्य थी और मां व छोटे भाई-बहनों की जिम्मेदारी उसी पर थी. सरकारी नौकरी लगने के बाद परिवार को आर्थिक सहारा मिला था, लेकिन अब इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.