हमीदिया अस्पताल में डॉक्टर बनकर ठगी, भर्ती मरीजों से ऑपरेशन के नाम पर परिजनों से ऐंठता था रुपये, शातिर ठग गिरफ्तार

भोपाल के हमीदिया अस्पताल में डॉक्टर बनकर एक जालसाज ने मरीजों के परिजनों से ऑनलाइन ठगी की। बेहतर इलाज और ऑपरेशन का झांसा देकर हजारों रुपये वसूले गए। पुलिस ने इंदौर से आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले में अस्पताल कर्मचारियों की मिलीभगत की भी जांच चल रही है।

हमीदिया अस्पताल में डॉक्टर बनकर ठगी, भर्ती मरीजों से ऑपरेशन के नाम पर परिजनों से ऐंठता था रुपये, शातिर ठग गिरफ्तार

आरोपी ने ज्यादातर भोपाल के बाहर से आने वाले मरीजों के परिजनों को बनाया टारगेट

भोपाल के हमीदिया अस्पताल में मरीजों के साथ ऑनलाइन ठगी होने का नया तरीका सामने आया है। हमीदिया अस्पताल के प्रसुति विभाग में महिलाएं भर्ती होती थीं। उनके साथ आए अटेंडरों के नंबर नोट कराए जाते थे। आरोपी इन्हीं नंबर का जुगाड़ कर महिलाओं के परिजनों को डॉक्टर बन कर फोन करता था। वह फोन कर कहता था कि मरीज का ऑपरेशन होना है। इसके लिए पैसों की जरूरत होगी और दूसरे नंबर से क्यूआर कोड भेजता था कि इस पर पैसे भेज दें।

उसका निशाना ज्यादातर भोपाल के बाहर से आने वाले मरीज रहते थे। कोहेफिजा थाने में मामले में शिकायत की गई थी। जिसके बाद आरोपी की तलाश शुरू की गई थी। पुलिस ने बताया कि आरोपी जितेंद्र खाकरे को इंदौर से गिरफ्तार कर कोहेफिजा थाने लाया गया है। फिलहाल चार लोगों ने आरोपी के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज कराया है। पुलिस का कहना है कि अभी और पीड़ितों के आने की संभावना है। जितेंद्र अस्पताल में आने वालेमरीजों के परिजनों को अपना शिकार बनाता था। जितेंद्र से पुलिस पूछताछ कर रही है। उसके साथ और कौन-कौन इस ठगी में शामिल है। इसकी जानकारी निकाली जा रही है।

आरोपी को नंबर कौन देता था, पूछताछ जारी

कोहेफिजा पुलिस का कहना है कि मामले में अस्पताल स्टाफ की मिलीभगत होने की भी संभावना है। आरोपी अस्पताल में दर्ज होने वाले नंबरों पर कॉल करता था। आरोपी को ये नंबर कौन देता था। इसकी भी पूछताछ की जा रही है। आरोपी से मिलने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

हमीदिया में होगा अनाउंसमेंट

हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुमित टंडन ने कहा कि अस्पताल में अब बार-बार यह अनाउंसमेंट होगा कि यदि कोई अनजान व्यक्ति इलाज या दवा के नाम पर पैसे मांगे तो उसकी शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा आईपीडी और ओपीडी के पर्चे पर भी यह सूचना दर्ज की जाएगी।

3 टीमों ने तीन दिन में पकड़ा

आरोपी की तलाश में तीन दिन पहले तीन पुलिस टीमें लगाई गई थीं। मोबाइल नंबर के आधार पर उसकी ट्रेसिंग की गई। गुरुवार को लोकेशन इंदौर मिली। मरीज के परिजनों के नंबर से पैसे ट्रांसफर का झांसा देकर कॉल कराया गया, जिससे मोबाइल ट्रेस हुआ और आरोपी पकड़ा गया।