ससुरालियों से प्रताड़ित मा ने दो साल की बेटी के साथ खाया था जहर,बेटी बच गई,मां की हो गई मौत,झकझोर कर रख देगी इस  महिला की कहानी

ससुरालियों से प्रताड़ित मा ने दो साल की बेटी के साथ खाया था जहर,बेटी बच गई,मां की हो गई मौत,झकझोर कर रख देगी इस  महिला की कहानी

अजय राज केवट माही 

प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस भोपाल मध्य प्रदेश 

राजगढ़ यतीम शब्द का इस्तेमाल उन लोगों के लिए किया जाता है,जिनके माता_पिता नहीं होते,खुजनेर में अपने चाचा के पास पली बढ़ी मृतिका शबाना बी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है,जिसने एक मार्च को भ्याना गांव में अपने ससुराल पक्ष के लोगों से प्रताड़ित होकर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया जिससे उसकी मौत हो गई,परिजनों के मुताबिक मृतक महिला ने अपनी एक दो साल की बेटी को भी जहरीले पदार्थ का सेवन कराया था,लेकिन उसे वक्त रहते हुए बचा लिया गया,और अब मृतक महिला के परिजन न्याय की आस में दफ्तरों के चक्कर काट रहे है।

दरअसल यह पूरा मामला लीमा चौहान थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भ्याना गांव का है, जहां खुजनेर में अपने चाचा के पास पलकर बड़ी हुई लगभग 26 वर्षीय शबाना बी ने हाल ही में एक मार्च को अपने ससुराल पक्ष के लोगों से प्रताड़ित होकर जहरीले पदार्थ का सेवन करके आत्महत्या करली,और दो साल की बेटी को भी जहर देने की कोशिश की गई,हालांकि उसकी जान बच गई,परिजनों का आरोप है कि,शादी के बाद से ही मृतिका के ससुराल पक्ष के लोग दहेज न लाने और बेटी पैदा होने पर उसे लगातार प्रताड़ित करते थे,जिसकी जांच सारंगपुर एसडीओपी अरविंद सिंह कर रहे है ,लेकिन 22 दिन बीत जाने के बाद भी ससुराल पक्ष के लोगों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई,और पीड़ित परिवार न्याय की आस में दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है।

सोमवार को मृतिका शबाना बी के चाचा अब्दुल मोहिद राजगढ़ एसपी आदित्य मिश्रा के पास पहुंचे और आवेदन के माध्यम से उन्हें पूरा मामले से अवगत कराया।जिसमें उन्होंने बताया कि,मृतिका शबीना बी का विवाह 3 अप्रैल वर्ष 2018 में भ्याना गांव निवासी शाहरुख पिता रुस्तम के साथ सम्मेलन में हुआ था,शादी के एक दो वर्ष तक सब कुछ ठीक रहा लेकिन जैसे ही पहली पुत्री हुई उसके ससुराल वालो ने उसे दहेज और लड़की होने पर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया,मृतिका ने दूसरी बार भी लड़की को जन्म दिया,जिसके बाद ससुराल पक्ष की प्रताड़ना और बढ़ गई,कई बार समझाइश देकर उन्होंने लड़की को वापस ससुराल भेजा,लेकिन उसे इतना प्रताड़ित किया गया कि,वो बर्दाश्त नहीं कर सकी और एक मार्च 2025 को उसने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया,जिससे उसकी इंदौर के एमवाय अस्पताल में मौत हो गई,जिसकी जानकारी भी हमे पड़ोसियों ने दी ससुराल वालो ने कुछ नहीं बताया और न ही वे उसकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए,पुलिस ने मर्ग कायम करके हमारे बयान दर्ज किए,लेकिन मृतिका के ससुराल पक्ष के लोगों के विरुद्ध 22 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई,जिस कारण वे लोग हम पर राजीनामा करने का दबाव बना रहे है और हमारे रिश्तेदारों को धमकियां दी जा रही है।

मृतक महिला शबाना के चाचा मोहिद के मुताबिक इतने दिन बीत जाने के बाद भी एसडीओपी सारंगपुर मृतिका की मौत के मामले में जांच में रुचि नहीं ले रहे है,इस कारण से हमें यहां एसपी साहब के पास आना पड़ा,जिन्होंने हमे उचित कार्रवाई के लिए आश्वास्त दिया गया